
Mumbai Viral Video: राजधानी मुंबई को 'सपनों का शहर' कहा जाता है, लेकिन यहां के घरों का किराया अब आम इंसान के लिए एक डरावना सपना बनता जा रहा है। सोशल मीडिया पर इस समय एक लड़की का वीडियो रॉकेट की तरह वायरल हो रहा है, जिसने मुंबई के रियल एस्टेट मार्केट की वो हकीकत बयां की है, जिसे देखकर किसी का भी सिर चकरा जाए। लड़की ने अंधेरी इलाके में स्थित अपने महज 700 वर्ग फुट (Sqft) के एक छोटे से फ्लैट का होम-टूर कराया, जिसका मासिक किराया पूरे 2 लाख रुपए है।
वीडियो के इंटरनेट पर वायरल होने के बाद कमेंट सेक्शन में एक बड़ी बहस छिड़ गई। लोग घर की खूबसूरती देखने के बजाय कैलकुलेटर लेकर बैठ गए हैं और इस बात पर हैरान हैं कि कोई 700 स्क्वेर फुट की 'माचिस की डिब्बी' जैसे घर के लिए हर महीने 2 लाख रुपए कैसे फूंक सकता है।
वायरल वीडियो में लड़की अपने घर का लिविंग एरिया, छोटा सा बेडरूम और किचन दिखाती नजर आ रही है। दरअसल, यह कोई साधारण फ्लैट नहीं बल्कि एक 'सर्विस अपार्टमेंट' है। इसका मतलब है कि इस 2 लाख रुपए के किराए में घर के साजो-सामान के साथ-साथ रोजाना की साफ-सफाई (हाउसकीपिंग), भारी-भरकम मेंटेनेंस और होटल जैसी प्रीमियम सुविधाएं शामिल हैं। अंधेरी जैसे प्राइम लोकेशन पर होने के कारण इसका भाव आसमान छू रहा है।
इस खबर का दिलचस्प पहलू यह है कि सोशल मीडिया पर अब 'किराया बनाम EMI' का दंगल शुरू हो गया है। मिडिल क्लास नौकरीपेशा लोग इस लड़की की 'लग्जरी लाइफस्टाइल' पर जमकर तंज कस रहे हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान घर की खूबसूरती से ज्यादा उसके किराए पर गया। कई यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में लिखा है कि इतने पैसों में तो छोटे शहर में पूरा बंगला किराए पर मिल जाएगा। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि मुंबई के प्राइम लोकेशन वाले इलाकों में ऐसे किराए अब आम बात होते जा रहे हैं, खासकर उन सर्विस्ड अपार्टमेंट्स में जहां किराए के साथ कई अतिरिक्त सुविधाएं भी मिलती हैं।
एक यूजर ने लिखा है कि भाई, 2 लाख रुपए महीने की तो लोग होम लोन की EMI भरते हैं। इतने पैसे किराए में बर्बाद करना समझदारी नहीं, बल्कि पैसे का अंधा दिखावा है। वहीं, दूसरे यूजर ने मुंबई की मजबूरी पर मजे लेते हुए लिखा है कि मुंबई में 2 लाख रुपए देकर भी आपको जो घर मिल रहा है, उसका साइज इतना छोटा है कि पैर फैलाओ तो दीवार आ जाए। इसे लग्जरी नहीं, मजबूरी की कंगाली कहते हैं।
हालांकि, कुछ कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स ने लड़की का बचाव भी किया। उनका कहना है कि जो लोग कुछ महीनों के लिए विदेश या दूसरे राज्यों से मुंबई काम के सिलसिले में आते हैं, उनके लिए हर सामान खुद खरीदने से बेहतर ऐसे सर्विस अपार्टमेंट में रहना होता है। वजह चाहे जो भी हो, लेकिन इस 700 स्क्वेर फुट के फ्लैट ने यह साफ कर दिया है कि मुंबई में रहने के लिए अब सिर्फ जेब नहीं, बल्कि कलेजा भी बहुत बड़ा होना चाहिए।