
दिल्ली में सपनों का आशियाना खरीदना अब मिडिल क्लास के लिए मुश्किल हो गया है- फोटो सोर्स एआइ
Delhi property prices: दिल्ली में सपनों का आशियाना खरीदना अब मिडिल क्लास के लिए ज्यादा मुश्किल हो गया है, इसकी चर्चा इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर हो रही है। एक रेडिटर यूजर की पोस्ट वायरल होने के बाद लोग खुलकर अपनी राय दे रहे हैं। पोस्ट में बताया गया है कि पति-पत्नी की मिलाकर 2 लाख रुपए महीने की कमाई होने के बावजूद दिल्ली में 2BHK फ्लैट खरीदना आसान नहीं रहा।
पोस्ट लिखने वाले यूजर ने बताया कि वह और उनके पार्टनर की कुल मासिक आय करीब 2 रुपए लाख है। इसके बावजूद द्वारका और पीतमपुरा जैसे सुरक्षित और अच्छी कनेक्टिविटी वाले इलाकों में 2BHK फ्लैट खरीदना उनकी पहुंच से बाहर है। उनका कहना है कि इन इलाकों में एक साधारण 2BHK फ्लैट की कीमत करीब 2 करोड़ से 2.5 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है।
यूजर ने लिखा कि जिन लोगों के पास पैतृक संपत्ति नहीं है या माता-पिता से आर्थिक मदद नहीं मिल सकती, उनके लिए इतना बड़ा होम लोन लेना और उसकी ईएमआइ भरना आसान नहीं है। इसी वजह से उन्होंने सवाल उठाया कि क्या नौकरीपेशा मिडिल क्लास के लिए अब अपना घर खरीदना सिर्फ सपना बनकर रह गया है?
इस पोस्ट पर हजारों लोगों ने अपनी राय दी। कई यूजर्स का कहना था कि दिल्ली में प्रॉपर्टी की कीमतें जरूरत से ज्यादा बढ़ चुकी हैं। कुछ लोगों ने बिल्डरों पर आरोप लगाया कि वे सामान्य फ्लैट्स को भी 'लक्जरी प्रोजेक्ट' बताकर ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं।
कुछ लोगों का यह भी मानना है कि दिल्ली में लगातार बढ़ते निवेश और महंगी जमीन की वजह से प्रॉपर्टी के दाम आम नौकरीपेशा लोगों की कमाई से कहीं ज्यादा तेजी से बढ़े हैं।
कई यूजर्स ने सलाह दी कि अगर बजट सीमित है तो दिल्ली के सबसे महंगे इलाकों की बजाय डीडीए फ्लैट, बिल्डर फ्लोर या एनसीआर के दूसरे इलाकों पर विचार करना चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने टियर-2 और टियर-3 शहरों में निवेश को बेहतर विकल्प बताया।
हालांकि, कुछ लोगों का कहना था कि 2 लाख महीने की कमाई आज भी अच्छी आय मानी जाती है। सही प्लानिंग, बचत और सही लोकेशन चुनकर घर खरीदा जा सकता है, लेकिन प्राइम लोकेशन पर घर लेना हर किसी के बस की बात नहीं रह गई है।
यह वायरल पोस्ट एक बार फिर इस सवाल को सामने लेकर आई है कि दिल्ली में तेजी से बढ़ती प्रॉपर्टी की कीमतों के बीच मिडिल क्लास के लिए अपना घर खरीदना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है। खासकर उन लोगों के लिए, जिन्हें परिवार से आर्थिक सहारा नहीं मिलता, राजधानी में घर का सपना पूरा करना पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है।
Updated on:
29 Jun 2026 05:37 pm
Published on:
29 Jun 2026 05:37 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
