मुंबई

रोहित पवार ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन का किया समर्थन, बोले- ‘उन्हें हटाने का स्वागत’

SIR Controversy: SIR विवाद के बीच NCP (SP) विधायक रोहित पवार ने CEC ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर BJP के लिए काम करने का आरोप भी लगाया।
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Sep 27, 2026
SIR Controversy
रोहित पवार ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन का किया समर्थन, फोटो सोर्स- ANI

Rohit Pawar SIR Controversy; मुंबई में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के विधायक रोहित पवार ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है। SIR विवाद के बीच उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उन्हें पद से हटाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का समर्थन किया।

बता दें कि प्रेसवार्ता के दौरान रोहित पवार ने कहा कि ज्ञानेश कुमार भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करते हैं और BJP के लिए काम करते हैं। उन्हें हटाने के लिए चल रहे आंदोलन का हम स्वागत करते हैं। उनके इस बयान के बाद महाराष्ट्र में SIR को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज होने के संकेत हैं। रोहित पवार पिछले कुछ दिनों से चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। रविवार को उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में SIR प्रक्रिया के बाद करीब 3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से जुड़े अधिकारों को स्थानीय स्तर से हटाकर चुनाव आयोग के स्तर पर केंद्रीकृत किया गया है।

CEC के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष एकजुट

SIR को लेकर विपक्षी दलों की ओर से CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उन्हें हटाने की मांग लगातार उठ रही है। INDIA ब्लॉक की विपक्षी पार्टियां 30 सितंबर को बैठक कर इस मुद्दे पर आगे की रणनीति पर चर्चा करने वाली हैं। इससे पहले चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर सामने आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR समेत कुछ फैसलों पर कई बार आपत्तियां दर्ज की थीं। आयोग ने इन रिपोर्टों के बीच स्पष्ट किया है कि SIR से जुड़े फैसले आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से लिए गए थे।

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को जारी अपने स्पष्टीकरण में कहा कि SIR से संबंधित आदेश आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी किए गए। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र किसी नीतिगत फैसले से संबंधित नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी के कामकाज से जुड़ा था। वहीं, विपक्षी दलों ने आयोग के स्पष्टीकरण के बावजूद कई सवाल उठाए हैं। ऐसे में CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और SIR विवाद लगातार जारी है।

Updated on:
27 Sept 2026 03:10 pm
Published on:
27 Sept 2026 03:10 pm