
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के शिंदे गुट में जाने के कुछ ही दिनों बाद अब उद्धव ठाकरे को एक और बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। ठाकरे के करीबी माने जाने वाले शिवसेना (UBT) के विधान परिषद सदस्य (MLC) सचिन अहीर (Sachin Ahir joins Shinde Sena) ने मंगलवार को शिंदे की शिवसेना का दामन थाम लिया है। इसके साथ ही अहीर ने महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति पद के चुनाव के लिए शिवसेना (शिंदे गुट) की ओर से नामांकन भी दाखिल कर दिया है।
विधान परिषद के सभापति राम शिंदे ने 29 जून को सदन में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी। इसके अनुसार, 1 जुलाई को दोपहर 1 बजे उपसभापति पद के लिए मतदान होगा।
इसी चुनाव के लिए सचिन अहीर ने शिंदे गुट के उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया। नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार, पूर्व उपसभापति नीलम गोऱ्हे और मंत्री चंद्रकांत पाटिल भी मौजूद रहे।
हाल ही में 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत शिवसेना (UBT) के छह लोक सभा सांसद शिंदे गुट में शामिल हो गए थे। इसके बाद से लगातार यह चर्चा चल रही थी कि ठाकरे गुट के कुछ विधायक भी शिंदे सेना का दामन थाम सकते हैं।
अब सचिन अहीर का शिंदे गुट की ओर से नामांकन दाखिल करना उसी कड़ी का अगला बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। सियासी गलियारों में इसे उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे के लिए एक और बड़ा झटका बताया जा रहा है।
सचिन अहीर का अंडरवर्ल्ड डॉन 'डैडी' यानी अरुण गवली से रिश्ता है। सचिन अहीर अरुण गवली के भतीजे हैं। सचिन अहीर को वर्ली क्षेत्र में मजबूत जनाधार वाला नेता माना जाता है। उन्होंने वर्षों तक क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने का काम किया है और श्रमिक संगठनों के बीच भी उनकी अच्छी पकड़ रही है।
वर्ली विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व आदित्य ठाकरे करते हैं। ऐसे में उनका शिंदे गुट के साथ जाना केवल विधान परिषद की राजनीति तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसका असर वर्ली की स्थानीय राजनीतिक ताकत और संगठन पर भी पड़ सकता है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर शिवसेना (UBT) की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।