
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भीतर चल रही उठापटक के बीच शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा है। NCP के छह वरिष्ठ नेताओं की अमित शाह से मुलाकात के बाद राउत ने दावा किया कि BJP ने पार्टी को दो हिस्सों में बांटकर महाराष्ट्र की राजनीति को कमजोर किया है। उन्होंने यहां तक कहा कि आने वाले दिनों में NCP के दोनों गुटों का राजनीतिक वजूद खत्म हो जाएगा।
मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान राउत ने कहा कि अजित पवार के निधन के बाद NCP अनाथ हो गई है। उनके मुताबिक, पार्टी पर असली हक सिर्फ शरद पवार का है। इसी तरह उन्होंने शिवसेना को उद्धव ठाकरे की पार्टी बताया। राउत ने आरोप लगाया कि दोनों दलों में टूट के बाद बने गुटों के नेता BJP के इशारे पर काम कर रहे हैं।
दरअसल, NCP के छह वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार को दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात की थी। इनमें प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, छगन भुजबल, हसन मुश्रीफ, दिलीप वलसे पाटिल और धनंजय मुंडे शामिल थे। इस बैठक में महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और NCP अध्यक्ष सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार मौजूद नहीं थे।
इस मुलाकात के बाद पार्टी में अंदरूनी खींचतान की चर्चा तेज हो गई। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ नेता पार्टी के कामकाज और फैसले लेने के तरीके से नाराज हैं। बैठक में पार्टी के भविष्य, संगठन और दोनों NCP गुटों के संभावित विलय को लेकर भी चर्चा होने की खबरें आईं। हालांकि, इस मुद्दे पर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
मामले पर NCP ने पार्टी में किसी तरह के बड़े मतभेद से इनकार किया है। महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि अमित शाह से मुलाकात पहले से तय थी और इसका मकसद पार्टी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना था। उन्होंने साफ किया कि सभी नेता सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में मिलकर काम कर रहे हैं।
सोमवार को मुंबई में हुई कोर कमेटी की बैठक के बाद तटकरे ने यह भी कहा कि शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP के साथ विलय का सवाल नहीं है। उनके मुताबिक, बैठक में पार्टी के कामकाज, संगठन को मजबूत करने और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। अब मंगलवार को पार्टी के सभी विधायकों की बैठक बुलाई गई है।
एक तरफ NCP नेतृत्व एकजुटता का दावा कर रहा है, वहीं वरिष्ठ नेताओं की अमित शाह से मुलाकात और नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवालों ने पार्टी की अंदरूनी राजनीति को चर्चा में ला दिया है। इसी बीच संजय राउत के बयान ने महाराष्ट्र में दोनों NCP गुटों के भविष्य को लेकर सियासी बहस और तेज कर दी है।