
Mahua Moitra on Operation Tiger : महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। पिछले कई दिनों से चर्चा का केंद्र बना 'ऑपरेशन टाइगर' अब हकीकत का रूप लेता दिखाई दे रहा है। खबर है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से 6 लोक सभा सांसदों ने पार्टी छोड़ने का मन बना लिया है और वे जल्द ही उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
मिली जानकारी के मुताबिक, ठाकरे गुट के छह सांसद बुधवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र सौंप सकते हैं। इस पत्र में वे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट से अलग होने और शिंदे गुट को समर्थन देने की जानकारी दे सकते हैं। बताया जा रहा है कि इस राजनीतिक कवायद के लिए कई बागी सांसद और खुद एकनाथ शिंदे दिल्ली पहुंच चुके हैं।
इस पूरे घटनाक्रम पर शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। राउत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के सांसदों को तोड़ने के लिए 15-15 करोड़ रुपये का एडवांस दिया गया है। उनके इस बयान के बाद सियासी माहौल और गरमा गया।
संजय राउत के आरोपों पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा, "सिर्फ 15 करोड़ रुपये? इतने सस्ते में क्यों जा रहे हैं? हमारे लोगों को तो 4 करोड़ रुपये एडवांस और अगले 36 महीनों तक के कार्यकाल के दौरान हर महीने 1 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं। हनी प्लस मनी।"
महुआ मोइत्रा की टिप्पणी पर जवाब देते हुए संजय राउत ने लिखा, "अपना सपना मनी-मनी! नहीं महुआ जी, प्रति सांसद मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) 50 करोड़ रुपये तय है। 15 करोड़ रुपये तो सिर्फ एडवांस है। सच कहूं तो इन लोगों की कीमत 50 हजार रुपये भी नहीं है। शिवसेना और टीएमसी ब्रांड की वजह से ही इनकी कीमत बढ़ी है।"
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि उद्धव ठाकरे के नौ सांसदों में से छह सांसद अलग होकर नया समूह बनाते हैं तो लोक सभा में उनकी स्थिति मजबूत हो सकती है और वे अलग गुट के तौर पर मान्यता पाने का दावा कर सकते हैं। जिससे वह दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई से भी बच सकते है।
उद्धव ठाकरे की शिवसेना के वर्तमान नौ लोकसभा सांसदों में अनिल देसाई, अरविंद सावंत, संजय दीना पाटील, राजाभाऊ वाजे, संजय जाधव, संजय देशमुख, नागेश पाटील आष्टीकर, ओमराजे निंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे शामिल हैं। इनमें से अनिल देसाई, अरविंद सावंत और राजाभाऊ वाजे को छोड़कर अन्य सभी सांसदों के पाला बदलने की जानकारी सामने आ रही है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, संजय राउत जल्द ही दिल्ली में मीडिया से बात करने वाले है और अहम जानकारी साझा करेंगे।