SP Tushar Doshi Transfer: शिवसेना के मंत्रियों के साथ हुई बदसलूकी का मामला विधानमंडल में भी गूंजा था। भारी दबाव के बीच मुख्यमंत्री फडणवीस ने उस समय तुषार दोशी को अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया था। छुट्टी से लौटने के कुछ ही दिनों बाद अब उनका तबादला सांगली कर दिया गया है।
महाराष्ट्र के सातारा जिला परिषद (Satara Zilla Parishad Election) चुनाव के दौरान पिछले महीने हुए विवाद ने अब बड़ा प्रशासनिक मोड़ ले लिया है। इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में रहे सातारा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) तुषार दोशी का तबादला कर दिया गया है। महाराष्ट्र के गृह विभाग ने पुलिस अधिकारियों के तबादलों की सूची जारी करते हुए दोशी को सांगली भेजने का आदेश दिया है।
इस फैसले के साथ ही पुणे के पुलिस उपायुक्त निखिल पिंगले को सातारा का नया एसपी नियुक्त किया गया है। खास बात यह है कि यह आदेश ऐसे समय में जारी हुआ है, जब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सोमवार को सातारा दौरे पर पहुंचे थे और जहां उन्होंने बड़ी जनसभा को संबोधित किया।
सातारा जिला परिषद के अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान माहौल उस समय बिगड़ गया था जब कथित तौर पर पुलिस और शिवसेना के नेताओं, मंत्रियों के बीच कथित हाथापाई की घटना सामने आई। इस दौरान राज्य के मंत्री शंभूराज देसाई और मंत्री मकरंद पाटील के साथ भी धक्का-मुक्की होने का आरोप लगा, जिससे मामला और ज्यादा गंभीर हो गया।
इस घटना के बाद पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी की भूमिका पर सवाल उठने लगे और मामला सीधे राज्य विधानमंडल तक पहुंच गया। शिवसेना के मंत्रियों के साथ हुई बदसलूकी का मामला विधानमंडल में भी गूंजा था। भारी दबाव के बीच मुख्यमंत्री व गृहमंत्री फडणवीस ने उस समय तुषार दोशी को अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया था। छुट्टी से लौटने के कुछ ही दिनों बाद अब उनका तबादला सांगली कर दिया गया है।
शिवसेना के मंत्रियों के साथ हुई कथित बदसलूकी के मुद्दे पर विधान परिषद में जोरदार हंगामा हुआ था। तब उपसभापति नीलम गोरहे ने एसपी तुषार दोशी के निलंबन के निर्देश तक दे दिए थे, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमा गया।
हालांकि, तत्काल निलंबन की बजाय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने शीर्ष पुलिस अधिकारी दोशी को अनिवार्य अवकाश पर भेजा था। कुछ दिन पहले ही वह छुट्टी के बाद ड्यूटी पर लौटे, अब उनका अचानक तबादला कर दिया गया है। दरअसल तब शीर्ष पुलिस अधिकारी के निलंबन पर रोक लगा दी गई थी।
आईपीएस तुषार दोशी का तबादला ऐसे दिन किया गया, जब शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने अपने गृह जिले सातारा के गांधी मैदान में बड़ी रैली को संबोधित किया। इस टाइमिंग को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
माना जा रहा है कि राज्य सरकार का यह फैसला प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने और विवाद को शांत करने के उद्देश्य से लिया गया है।