
महाराष्ट्र में निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ती जा रही है। इस बीच मालवण में चुनावी हलचल उस समय तेज हो गई, जब एकनाथ शिंदे की शिवसेना के विधायक निलेश राणे ने भाजपा के खिलाफ 'स्टिंग ऑपरेशन' का दावा किया। राणे बुधवार को भाजपा के एक पदाधिकारी के घर पर अचानक पहुंचे और कथित तौर पर पैसों से भरा बैग बरामद किया।
दिलचस्प बात यह है कि निलेश राणे के पिता और भाई दोनों ही भाजपा में हैं। उनके भाई नितेश राणे (Nitesh Rane) महाराष्ट्र सरकार में मंत्री है। जबकि पिता नारायण राणे मोदी सरकार में पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके है और वर्तमान में सांसद है।
निलेश राणे का दावा है कि उन्होंने स्टिंग ऑपरेशन के जरिए मालवण में भाजपा की अवैध गतिविधियों का भंडाफोड़ किया है। भाजपा नेता के घर से बेहिसाब नकदी बरामद की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा पदाधिकारी विजय किंजवडेकर के घर के एक कमरे में हरे रंग के बैग में करीब 25 लाख रुपये मिले। नकदी मिलने के बाद राणे ने तुरंत चुनाव आयोग और मालवण पुलिस को बुलाकर कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यह रकम चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली थी। ऐसे पैसे लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं और इस पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मालवण में भाजपा की ओर से पैसे बांटने की कोशिशें चल रही हैं। राणे का कहना है कि मुंबई और सिंधुदुर्ग से कई लोग यहां केवल पैसे बांटने के लिए आए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से पूछा कि ऐसी गतिविधियों पर क्या कार्रवाई की जाएगी।
एकनाथ शिंदे गुट के नेता निलेश राणे ने भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण पर भी निशाना साधा। उनका कहना है कि चव्हाण के मालवण दौरे के तुरंत बाद पैसा बांटने की प्रक्रिया और तेज हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अभी भी नेताओं के घर में कई बैग छिपाए गए हैं। उन्होंने भाजपा के कई कार्यकर्ताओं के नाम भी गिनाए, जो कथित तौर पर इस काम में शामिल हैं। मतदाताओं को पैसा देकर उन्हें अपने पक्ष में करने के लिए पूरा नेटवर्क सक्रिय है।
राणे ने कहा कि अगर भाजपा नगर परिषद की सत्ता में आई तो जनता की सेवा नहीं होगी बल्कि नगर परिषद में लूट होगी। उन्होंने दावा किया कि वे मतदान तक अपनी टीम के साथ लगातार निगरानी करेंगे और मालवण में धांधली नहीं होने देंगे।
भाजपा मंत्री आशीष शेलार ने निलेश के आरोपों को झूठा करार दिया। वहीं, भाजपा पदाधिकारी विजय किंजवडेकर ने दावा किया कि यह पैसा उनके व्यवसाय के लिए था और इसका चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है।
मीडिया को जारी किए गए घटना के वीडियो में निलेश पुलिस और चुनाव अधिकारियों से कैश जब्त करने और केनवडेकर के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग करते नजर आ रहे हैं।
गौरतलब हो कि महाराष्ट्र की 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों पर 2 दिसंबर को मतदान होगा और 3 दिसंबर को परिणाम घोषित होंगे।