
Shiv Sena UBT Show Cause Notice: महाराष्ट्र की सियासत में शिवसेना (UBT) के भीतर मची भगदड़ और 'ऑपरेशन टाइगर' के बीच उद्धव ठाकरे गुट ने बागी रुख अपनाने वाले अपने सांसदों के खिलाफ बेहद सख्त कदम उठाया है। लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) अनिल देसाई ने दिल्ली में हुई बैठक से गायब रहने वाले सभी 6 सांसदों को एक नया 'कारण बताओ' नोटिस जारी कर दिया है। पार्टी ने इन सांसदों को अपनी सफाई देने के लिए महज 24 घंटे का कड़ा अल्टीमेटम दिया है।
आपको बता देंं कि उद्धव गुट द्वारा जारी किए गए इस नोटिस में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि यदि ये सांसद तय समय सीमा के भीतर लिखित में संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं, तो पार्टी यह मान लेगी कि उन्होंने स्वेच्छा से शिवसेना (UBT) की सदस्यता छोड़ दी है। इसके बाद, भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत इन सभी सांसदों की लोकसभा सदस्यता रद्द कराने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
बता दें कि दिल्ली में गुरुवार को शिवसेना (UBT) का सियासी संकट उस समय खुलकर सामने आ गया, जब पार्टी नेतृत्व द्वारा बुलाई गई संसदीय दल की अनिवार्य बैठक में बड़े पैमाने पर सांसद गैरहाजिर रहे। पार्टी के कुल 9 लोकसभा सांसदों में से केवल अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ही बैठक में पहुंचे, जबकि नागेश पाटिल अष्टिकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। छह सांसदों की इस सामूहिक अनुपस्थिति ने पार्टी में गहराती फूट को उजागर कर दिया, जिसके बाद उद्धव ठाकरे गुट ने अपनी पकड़ मजबूत दिखाने के लिए तत्काल कार्रवाई का फैसला करते हुए बागी सांसदों के खिलाफ कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी।
राज्यसभा सांसद और शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इन बागियों के खिलाफ कार्रवाई की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हम इन्हें संसद के निचले सदन (लोकसभा) से अयोग्य घोषित कराने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। अगर लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) नियमों, कानून और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक काम करेंगे, तो इन सभी लोगों की सदस्यता जाना तय है।