Shivaji Maharaj statue collapse : सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा, इस घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जाएगा और उसी स्थान पर छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को फिर से स्थापित करेंगे।
Shivaji Maharaj statue in Sindhudurg fell : महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग में सोमवार को 35 फुट ऊंची छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने के मामले में पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ठेकेदार जयदीप आप्टे (Jaydeep Apte) और स्ट्रक्चरल कंसल्टेंट चेतन पाटिल (Chetan Patil) के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
सिंधुदुर्ग पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109, 110, 125, 318 और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की है। महाराष्ट्र के मंत्री दीपक केसरकर निरीक्षण के लिए आज घटनास्थल पर पहुंचे। उधर, विपक्षी दलों ने शिवाजी महाराज की मूर्ति स्थापित करने की परियोजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
इससे पहले, भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने मालवण (Malvan) में राजकोट किले (Rajkot Fort) पर स्थापित शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की। यह भव्य प्रतिमा सिंधुदुर्ग के नागरिकों के प्रति समर्पण के रूप में पिछले साल 4 दिसंबर को नौसेना दिवस पर अनावरण की गई थी।
भारतीय नौसेना के बयान के मुताबिक, राज्य सरकार और संबंधित विशेषज्ञों के साथ, नौसेना ने इस दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना के कारण की तुरंत जांच करने और प्रतिमा की जल्द से जल्द मरम्मत और पुन: स्थापना के लिए कदम उठाने के लिए टीम बनायी है।
इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के ढहने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पीडब्ल्यूडी और नौसेना के अधिकारी 27 अगस्त को घटनास्थल का दौरा करेंगे और इसके पीछे के कारण की जांच करेंगे।
सीएम शिंदे ने कहा कि तेज हवाओं के कारण प्रतिमा गिर गई। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार इस घटना के पीछे के कारणों का पता लगाएगी और छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को उसी स्थान पर फिर से स्थापित करेगी।
उन्होंने कहा, "जो घटना हुई वह दुर्भाग्यपूर्ण है। यह प्रतिमा नौसेना द्वारा बनवाई गई थी। उन्होंने ही इसका डिजाइन भी बनाया था। लेकिन करीब 45 किमी/घंटा की तेज हवाओं के कारण यह गिर गई और क्षतिग्रस्त हो गई।"
गौरतलब है कि इस प्रतिमा का अनावरण पीएम मोदी ने पिछले साल 4 दिसंबर को किले पर नौसेना दिवस (Navy Day) समारोह के हिस्से के रूप में किया था।
छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति टूटने की घटना पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। शिवसेना (उद्धव ठाकरे) नेता अरविंद सावंत ने कहा, शिवाजी महाराज हमारी श्रद्धा है, उन्हें हम अपना देवता मानते है। उनके बारे में बीजेपी के नेताओं के मन में कितनी आस्था और आदर है, वो इस घटना से सामने आ गया है... सिर्फ जल्दबाजी में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा बनायीं गई, जिससे पीएम मोदी प्रतिमा का अनावरण कर सके... प्रतिमा का गिरना इस सरकार को श्राप है...”
वहीँ, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एससीपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने मूर्ति बनाने वाले ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस मामले पर महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा, "कल जो घटना हुई, वह उनके भ्रष्टाचार के कारण है, चाहे यह सरकार केंद्र की हो या राज्य की, उन्हें भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं आता…छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों का अपमान करने में वे कभी पीछे नहीं रहे। कल की घटना महाराष्ट्र के लिए, महाराष्ट्र की जनता के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। इस सरकार को कोई माफ नहीं करेगा।"