मुंबई

परिवार में टकराव टालने के लिए शरद पवार आए आगे, सोमेश्वर चीनी मिल चुनाव को लेकर ‘सिल्वर ओक’ पर हाई-वोल्टेज बैठक    

Baramati Politics: बारामती की प्रतिष्ठित सोमेश्वर सहकारी चीनी मिल के आगामी चुनाव को निर्विरोध कराने की कोशिशों ने अचानक जोर पकड़ लिया है। इसी सिलसिले में मुंबई स्थित शरद पवार के आवास ‘सिल्वर ओक’ पर पवार परिवार की एक अहम बैठक आयोजित की गई।
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Sep 26, 2026
NCP Maharashtra Politics
सुनेत्रा पवार और शरद पवार (Photo: IANS)

Sharad Pawar NCP: पवार परिवार के गढ़ पुणे जिले के बारामती में सोमेश्वर सहकारी चीनी मिल के चुनाव को निर्विरोध कराने की कोशिशों के बीच एनसीपी में सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी सिलसिले में मुंबई स्थित ‘सिल्वर ओक’ में वरिष्ठ नेता शरद पवार की मौजूदगी में पवार परिवार की अहम बैठक हुई। बैठक में शरद पवार की सांसद बेटी सुप्रिया सुले, शरद पवार के भतीजे के बेटे युगेंद्र पवार, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के दोनों बेटे पार्थ पवार और जय पवार मौजूद रहे। पवार परिवार के दोनों गुटों के नेताओं की एक साथ मौजूदगी के कारण इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सोमेश्वर चीनी मिल के चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के शरद पवार और सुनेत्रा पवार की अगुवाई वाले दोनों धड़े अलग-अलग पैनल उतारने की तैयारी कर रहे हैं। शरद पवार के नेतृत्व वाले गुट की ओर से युगेंद्र पवार संभावित उम्मीदवारों के इंटरव्यू भी ले चुके हैं। वहीं, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाले राष्ट्रवादी कांग्रेस गुट की ओर से भी चुनाव की तैयारी जोरशोर से चल रही है।

दोनों गुटों के बीच समझौते की कोशिश?

रिपोर्ट्स के अनुसार, पारिवारिक और राजनीतिक संघर्ष को टालने के लिए ही शरद पवार ने पहल करते हुए चुनाव को निर्विरोध कराने का प्रस्ताव रखा है। उनके आवास 'सिल्वर ओक' पर हुई बैठक में इसी समझौते और तालमेल पर विस्तार से चर्चा की गई।

हालांकि, बैठक में कोई अंतिम निर्णय हुआ है या दोनों पक्षों के बीच उम्मीदवारों को लेकर कोई समझौता हुआ है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन पवार परिवार की इस बैठक ने सोमेश्वर चीनी मिल के चुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

30 सितंबर तक नाम वापसी का समय, बढ़ा सस्पेंस

सोमेश्वर चीनी मिल के चुनाव की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। उम्मीदवारों के नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 30 सितंबर है। ऐसे में इस तारीख से पहले दोनों राष्ट्रवादी गुटों के बीच समझौता होता है या नहीं, इस पर सदस्यों और राजनीतिक हलकों की नजर है।

हालांकि, पवार परिवार के भीतर समझौता होने के बावजूद चुनाव निर्विरोध होगा या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इसकी वजह यह है कि भाजपा और शिवसेना शिंदे गुट की ओर से भी चुनाव में अपने पैनल उतारने की तैयारी चल रही है।

भाजपा और शिंदे गुट भी मैदान में उतरने की तैयारी में

सोमेश्वर चीनी मिल चुनाव को लेकर शिवसेना के शिंदे गुट की ओर से विधायक विजय शिवतारे और भाजपा की ओर से पूर्व विधायक संजय जगताप के नेतृत्व में चुनावी मैदान में उतरने के संकेत मिल रहे है। दोनों ही अपने-अपने स्तर पर चुनावी समीकरणों को साधने में जुट गए हैं।

एनसीपी (सुनेत्रा पवार), एनसीपी (शरद पवार गुट) और शिवसेना (शिंदे गुट) ने अपने-अपने इच्छुक उम्मीदवारों के इंटरव्यू पहले ही ले लिए हैं। जबकि भाजपा खेमे में अभी उतनी हलचल नहीं देखी जा रही है।

किसान कार्रवाई समिति की भूमिका भी बदली

इस चुनाव में किसान कार्रवाई समिति की भूमिका भी चर्चा में रही है। समिति के नेता सतीश काकड़े ने शुरुआत में मिल के मौजूदा अध्यक्ष की आलोचना करते हुए चुनाव में अपनी समिति का पैनल उतारने की घोषणा की थी।

इसके बाद कार्यकर्ता सम्मेलन में उन्होंने अपनी भूमिका बदलते हुए उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के साथ खड़े होने का फैसला किया। इस घटनाक्रम के बाद चुनावी समीकरणों में भी बदलाव आया है।

अब सभी की नजर 30 सितंबर पर है। इससे पहले कौन-कौन से उम्मीदवार नाम वापस लेते हैं, कौन से पैनल चुनाव मैदान में बने रहते हैं और पवार परिवार के दोनों धड़ों के बीच कोई समझौता होता है या नहीं, इससे सोमेश्वर चीनी मिल चुनाव की तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी।

Updated on:
26 Sept 2026 10:21 am
Published on:
26 Sept 2026 08:58 am