
Baramati Someshwar Sugar Factory Election: कद्दावर नेता अजित पवार के निधन के बाद पुणे जिले के बारामती स्थित सोमेश्वर सहकारी चीनी मिल का पहला चुनाव अब दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख के बाद चुनावी तस्वीर साफ हो गई है और इस चुनाव में तीन प्रमुख पैनल आमने-सामने हैं। ऐसे में सोमेश्वर चीनी मिल का चुनाव त्रिकोणीय मुकाबले में बदल गया है।
एक तरफ उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाला राष्ट्रवादी कांग्रेस (एनसीपी) का पैनल है, जिसे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का समर्थन मिला है। इस पैनल की ओर से 21 उम्मीदवारों की सूची घोषित की गई है। दूसरी ओर राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) के युवा नेता युगेंद्र पवार के नेतृत्व में अलग पैनल चुनाव मैदान में है। तीसरे मोर्चे के रूप में सोमेश्वर चीनी मिल के मौजूदा चेयरमैन पुरुषोत्तम जगताप ने अलग पैनल खड़ा किया है। पुरुषोत्तम जगताप लंबे समय तक अजित पवार के वफादार सहयोगी रहे थे और वह अब तक एनसीपी के साथ थे।
पुरुषोत्तम जगताप ने सुनेत्रा पवार नीत एनसीपी के रुख से अलग हटते हुए स्वतंत्र पैनल के साथ चुनाव लड़ने की घोषणा की है। उन्होंने ‘जननेता अजितदादा सोमेश्वर विकास पैनल’ के गठन का ऐलान किया है। इस पैनल को पुरंदर के पूर्व भाजपा (BJP) विधायक संजय जगताप समेत कुछ स्थानीय नेताओं का समर्थन मिल रहा है।
खास बात यह है कि जगताप को एनसीपी की ओर से उम्मीदवार बनाया गया था, लेकिन उन्होंने अलग पैनल बनाकर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया। इससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। हालांकि, पार्टी की ओर से पुरुषोत्तम जगताप पर कार्रवाई नहीं किए जाने की बात जय पवार ने कही है।
सोमेश्वर चीनी मिल चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा सुनेत्रा पवार और युगेंद्र पवार के पैनल को लेकर है। सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाले पैनल को शिवसेना के शिंदे गुट और किसान कार्यकर्ता समिति का समर्थन बताया गया है। वहीं, युगेंद्र पवार शरद पवार गुट के साथ अलग पैनल लेकर चुनाव मैदान में हैं।
इस चुनाव के जरिए बारामती में एक बार फिर पवार परिवार के दो राजनीतिक धड़ों के बीच मुकाबला देखने को मिल रहा है। इससे पहले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान भी पवार परिवार के अलग-अलग प्रत्याशी आमने-सामने रहे हैं।
सोमेश्वर सहकारी चीनी मिल के संचालक मंडल की 21 सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 11 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि 12 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। अंतिम उम्मीदवार सूची और चुनाव चिह्न 2 अक्टूबर को घोषित होगा।
नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 30 सितंबर थी। इसी दिन तीन प्रमुख पैनल चुनाव मैदान में बने रहे और इसके साथ ही सोमेश्वर मिल चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला तय हो गया।