
मुंबई. पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक के घोटाला मामले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्लू) ने शुक्रवार को अदालत में 32 हजार 959 पेज की पहली चार्जशीट फाइल की गई। 6,300 करोड़ रुपए के घोटाले में पीएमसी बैंक के पूर्व अध्यक्ष वरयाम सिंह और पूर्व प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस, निदेशक सुरजीत सिंह अरोड़ा के साथ रीयल इस्टेट डवलपर एचडीआईएल के प्रमोटर राकेश और सारंग वधावन को आरोपी बनाया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पहले ही इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुका है।
पीएमसी बैंक घोटाले की जांच मुंबई पुलिस की ईओडब्लू के साथ ही ईडी कर रही है। मामले में मुंबई पुलिस ने उक्त पांच आरोपियों सहित कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें बैंक के 7 अधिकारी शामिल हैं। पुलिस की चार्जशीट में 340 गवाहों के बयान शामिल हैं, जिनमें बैंक के खाताधारक भी हैं।
उल्लेखनीय है कि पीएमसी बैंक घोटाला सितंबर में उजागर हुआ था। बैंक के ही एक अधिकारी ने भारतीय रिजर्व बैंक को पीएमसी बैंक प्रबंधन-एचडीआईएल की मिलीभगत से हुई गड़बड़ी की जानकारी दी थी। इसके बाद पीएमसी बैंक पर जनता से जमा राशियां स्वीकार करने पर रिजर्व बैंक ने रोक लगा दी। साथ ही बैंक से पैसा निकासी की सीमा भी तय कर दी। फिलहाल बैंक के जमाकर्ता अपने खाते से छह महीने में 50 हजार रुपए निकाल सकते हैं।
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अधिकारी ने ही खोली थी पोल
पीएमसी बैंक घोटाले की पोल बैंक के ही एक अधिकारी (व्हिसिलब्लोअर) ने खोली थी। मामले की जानकारी रिजर्व बैंक से छिपाने पर व्हिसिलब्लोअर ने पीएमसी बैंक प्रबंधन को खुदकुशी की धमकी दी थी। इसी बात को लेकर बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उसका झगड़ा भी हुआ था। बैंक प्रबंधन से नाराज व्हिसिलब्लोअर ने सारी बात रिजर्व बैंक को बताई, जिसके बाद केंद्रीय बैंक ने पीएमसी बैंक निदेशक मंडल को बर्खास्त कर प्रशासक नियुक्त कर दिया।
एचडीआईएल को फायदा पहुंचाया
चार्जशीट के मुताबिक 2017 से ही यह गड़बड़झाला चल रहा था। बैंक प्रबंधन को पता था कि एचडीआईएल कर्ज की राशि नहीं लौटा रही है। बावजूद इसके यह जानकारी रिजर्व बैंक से छिपाई गई। एक तरह से आरोपियों ने एचडीआईएल को फायदा पहुंचाने के लिए बैंक को नुकसान पहुंचाया। बैंक खातों में हेराफेरी कर निजी फायदे लिए गए। आरोपियों ने देश-विदेश में कई संपत्तियां खरीदी हैं।
19 लोगों की हो चुकी मौत
पीएमसी बैंक की शाखाएं महाराष्ट्र सहित देश के छह राज्यों में फैली हैं। तकरीबन 14 लाख ग्राहकों का इसमें खाता है। बैंक के पास 11,500 करोड़ रुपए की जमा राशियां हैं। घोटाला उजागर होने और रिजर्व बैंक की ओर से पीएमसी बैंक पर रोक लगाए जाने के बाद अपनी गाढ़ी कमाई डूबने की चिंता में डूबे 19 लोगों की मौत हो चुकी है। यह मामला हाल ही में महाराष्ट्र विधान मंडल के शीतकालीन अधिवेशन में भी उठा था।