मुंबई

Maha CET Admission: सरकार के इस निर्णय से सुधरेगी सीईटी प्रवेश प्रक्रिया, छात्रों का रुझान हो रहा कम

सीईटी प्रवेश प्रक्रिया ( CET Admission Process ) में मिलेगा अच्छा प्रतिसाद ( Good Response), 12वीं में अंकों के चलते छात्रों का कम हो रहा रुझान ( Trend ), सीईटी के अंकों के साथ 12वीं के अंकों के महत्व ( Importance of Numbers ) को बनाए रखने के लिए सरकार कर रही प्रयास
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Feb 26, 2020
Maha CET Admission: सरकार के इस निर्णय से सुधरेगी सीईटी प्रवेश प्रक्रिया, छात्रों का रुझान हो रहा कम
Maha CET Admission: सरकार के इस निर्णय से सुधरेगी सीईटी प्रवेश प्रक्रिया, छात्रों का रुझान हो रहा कम

मुंबई. 12वीं के बाद छात्रों का अधिकतर रुझान इंजीनियरिंग, मेडिकल, फार्मास्युटिकल साइंस जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की ओर अधिक रहता है। जिनमें प्रवेश के लिए सीईटी परीक्षा देना अनिवार्य है। वहीं सीईटी अंकों पर आधारित प्रवेश के महत्व के चलते पिछले कुछ वर्षों से 12वीं में अच्छे अंक पाने वाले छात्रों का भी रुझान कम हो रहा है, जिसका विपरीत असर छात्रों पर पड़ता है। वहीं उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत की माने तो छात्रों की मानसिकता को बदलने के लिए सीईटी के अंकों के साथ 12वीं के अंकों के महत्व को बनाए रखने के लिए सरकार प्रयासरत है। इससे भविष्य में सीईटी प्रवेश प्रक्रिया में जहां अच्छा प्रतिसाद मिलेगा, वहीं छात्रों को भी व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश का बेहतर मौका मिलेगा।

सबसे अधिक अंक वालों को प्राथमिकता...
इंजीनियरिंग, मेडिकल और फार्मास्यूटिकल जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए सीईटी के माध्यम से चार लाख से ज्यादा छात्र प्रति वर्ष प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं। 12वीं की परीक्षा देने के तुरंत बाद आवेदक सीईटी परीक्षा के लिए तैयारी में जुट जाते हैं, लेकिन जैसे-जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश 12वीं के अंकों को पास किए बिना सीईटी के अंकों पर नहीं दिया जाता है, छात्रों का रुझान 12वीं में अधिक अंक लाने के बजाय सीईटी परीक्षा में अधिक अंक प्राप्त करने की ओर बढ़ रहा है, जिसका असर छात्रों के वास्तविक प्रवेश पर पड़ता है। क्योंकि सीईटी परीक्षाओं में समान स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के दौरान भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित या जीवविज्ञान विषयों को भी देखा जाता है, जबकि सबसे अधिक अंक पाने वाले को ही प्राथमिकता दी जाती है।

सीईटी परीक्षा के नतीजों की जांच...
वहीं 12वीं कक्षा की परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए छात्रों की उपेक्षा के चलते उन्हें कई अच्छे कॉलेजों में प्रवेश से वंचित रहना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए छात्रों की मानसिकता को बदलने के लिए सरकार की ओर से सीईटी के अंकों के साथ-साथ 12वीं के अंकों के महत्व को बनाए रखने के लिए प्रयास शुरू किए गए हैं। इसमें सरकार सीईटी परीक्षा के नतीजों की जांच कर रही है। भविष्य में अब सीईटी परीक्षा के अंक और 12वीं की परीक्षा के अंकों को स्वीकार करते हुए दोनों अंकों को ध्यान में रखा जाएगा। उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने कहा कि इससे 12वीं के रिजल्ट के महत्व को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

Updated on:
26 Feb 2020 09:41 am
Published on:
26 Feb 2020 09:41 am