
Tiger Shroff Shooting Case: मुंबई के पॉश इलाके जुहू में हाल ही में अपनी कार पर हुई गोलीबारी की घटना के बाद बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ गहरे सदमे में हैं। घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी वे इस अनहोनी से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच जब टाइगर का बयान दर्ज करने उनके आवास पहुंची, तो उन्होंने अपनी आपबीती और मानसिक स्थिति बयां की।
टाइगर श्रॉफ ने पुलिस अधिकारियों से बातचीत में कहा, 'मैं इस समय बेहद गहरे सदमे में हूं और समझ नहीं पा रहा हूं कि क्या कहूं। आखिर कोई मुझ पर इतना बड़ा जानलेवा हमला क्यों करना चाहेगा? मेरी तो इंडस्ट्री या बाहर किसी से कोई दुश्मनी या झगड़ा भी नहीं है, फिर मुझे निशाना क्यों बनाया गया?'
यह पूरी वारदात रविवार शाम करीब 7 बजे की है, जब 36 वर्षीय अभिनेता टाइगर श्रॉफ फुटबॉल मैच खेलकर अपनी कार से घर लौट रहे थे। वे अपनी बीएमडब्ल्यू (BMW) कार की आगे वाली पैसेंजर सीट पर बैठे थे। इसी दौरान दो अज्ञात बाइक सवारों ने उनकी कार को घेर लिया और करीब 5 से 6 राउंड गोलियां चला दी। खुशनसीबी यह रही कि इस भयानक हमले में टाइगर पूरी तरह सुरक्षित बच गए, हालांकि गोलियों के छर्रों और कांच टूटने से उनके ड्राइवर फिरदौस बलोच और साथ मौजूद एक व्लॉगर उमेश चौहान घायल हो गए। हमले के तुरंत बाद टाइगर ने हिम्मत दिखाई और घायल ड्राइवर को खुद गाड़ी चलाकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
फायरिंग की घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी तेजी से फरार हो गए। हमलावरों की पहचान हरियाणा के रहने वाले 18 वर्षीय फूल सिंह, 18 वर्षीय रेहान रहीसुद्दीन और बिहार के 22 वर्षीय ऋतिक कुमार उर्फ रोशन के रूप में हुई। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जब तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो आरोपियों की मूवमेंट राजस्थान की तरफ पाई गई। आखिरकार पुलिस की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए तीनों शूटरों को राजस्थान के कोटा से धर दबोचा।
जांच में खुलासा हुआ है कि टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी करने के बाद हमलावरों की योजना गुजरात के सूरत से दिल्ली और फिर नेपाल भागने की थी। इसके लिए उन्हें सूरत से दिल्ली जाने वाली बस पकड़नी थी, लेकिन देर से पहुंचने के कारण बस छूट गई। इसके बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित सदस्य और मास्टरमाइंड अनिल पंडित ने VoIP कॉल के जरिए शूटरों को प्लान-B के तहत नया रास्ता बताया। इसके बाद तीनों आरोपी सूरत रेलवे स्टेशन पहुंचे और पुणे-जयपुर एक्सप्रेस में सवार हो गए। उन्हें निर्देश दिए गए थे कि जयपुर स्टेशन पहुंचने से पहले ही शहर के बाहरी इलाके में उतर जाएं और सड़क मार्ग से दिल्ली पहुंचकर नेपाल की सीमा पार कर लें। हालांकि, मुंबई क्राइम ब्रांच ने सूरत बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के CCTV फुटेज के जरिए उनकी गतिविधियों का पता लगा लिया और नेपाल भागने की उनकी योजना नाकाम कर दी।
मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच इस मामले की तह तक जाने के लिए ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। शनिवार को पुलिस ने इंदौर से 22 वर्षीय प्रांजल ठाकरन को गिरफ्तार किया, जिस पर हमलावरों को लॉजिस्टिक्स और आर्थिक मदद देने का शक है। इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में अब तक कुल 11 संदिग्धों को जेल भेजा जा चुका है।