
FDA raid: त्योहारों का मौसम शुरू होने से पहले महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में मिलावटी मिठाइयों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की टीम ने शाहनूर दरगाह के पास छापा मारकर करीब 4 से 4.7 टन मिठाई पकड़ी है। जब्त की गई मिठाइयों की कीमत करीब 7.6 लाख रुपए बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में मिठाई मिलने के बाद विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों को सूचना मिली थी कि गुजरात से ट्रकों के जरिए बड़ी मात्रा में मिठाई संभाजीनगर लाई जा रही है। सूचना मिलने के बाद FDA की टीम ने इस पर नजर रखनी शुरू की। इसके बाद शाहनूर दरगाह के पास संदिग्ध वाहन को रोककर उसकी जांच की गई। वाहन की तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में मिठाई मिली। जांच के बाद अधिकारियों ने पूरी खेप को अपने कब्जे में ले लिया।
अधिकारियों के मुताबिक, मिठाई तैयार करने में असली दूध से बने खोये की जगह पाम ऑयल, वनस्पति और ज्यादा चीनी जैसी सस्ती चीजों का इस्तेमाल किया गया था। इससे मिठाई की लागत कम करने की कोशिश की गई थी। विभाग ने मिठाई को जांच के लिए कब्जे में लिया है और मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
छत्रपति संभाजीनगर के खाद्य एवं औषधि विभाग के संयुक्त आयुक्त श्रीकांत करकाडे ने बताया कि यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंढे के मार्गदर्शन में की गई। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि मिठाई आखिर कहां तैयार की गई थी और गुजरात से इसे संभाजीनगर क्यों लाया जा रहा था।
जांच का दायरा अब सिर्फ ट्रक तक सीमित नहीं है। FDA की नजर मिठाई बनाने वाले, उसे एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने वाले और इसे बेचने वालों तक है। विभाग की ओर से संबंधित ट्रांसपोर्टरों, निर्माताओं और दुकानदारों को कानूनी नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अगर जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो आगे कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
त्योहारों के दौरान मिठाई की बिक्री अचानक बढ़ जाती है। इसी वजह से इस समय मिलावटी खोया और दूसरी नकली सामग्री को लेकर खाद्य विभाग ज्यादा सतर्क रहता है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में मिठाई, खोया और दूसरी खाने-पीने की चीजों की जांच और बढ़ाई जाएगी।
FDA अब यह भी पता लगाने में जुटा है कि इतनी बड़ी मात्रा में तैयार की गई मिठाई कहां-कहां भेजी जानी थी। इसके साथ ही यह जानकारी जुटाई जा रही है कि इस खेप के पीछे कौन लोग हैं और क्या इससे जुड़े दूसरे कारोबारी भी हैं। विभाग ने साफ किया है कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।