
Tukaram Mundhe warn officers:महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) में आयुक्त की जिम्मेदारी संभालने के बाद तुकाराम मुंढे की अगुवाई में मिलावटी खाद्य पदार्थों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है। मिलावटी पनीर, दूध और मिठाइयों से लेकर रेस्टोरेंट और होटलों में खराब गुणवत्ता वाले भोजन तथा गुटखा बिक्री के मामलों में विभाग की ओर से छापेमारी की जा रही है।
इसी बीच तुकाराम मुंढे ने अपने ही विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सख्त संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्रवाई के दौरान किसी तरह का समझौता करने या अपने काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
न्यूज18 मराठी को दिए एक इंटरव्यू में तुकाराम मुंढे से पूछा गया कि क्या कार्रवाई के दौरान लापरवाही या समझौता करने वाले FDA अधिकारियों पर आने वाले दिनों में कार्रवाई हो सकती है। इस पर उन्होंने कहा कि कार्रवाई के लिए कुछ दिनों का इंतजार जरूरी नहीं है। अगर कोई अधिकारी काम में लापरवाही करता है या कार्रवाई के दौरान किसी तरह का समझौता करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि गलत काम करना और सही काम नहीं करना, दोनों ही स्थितियों में विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
तुकाराम मुंढे ने एक कार्रवाई का उदाहरण देते हुए बताया कि एक मामले में पूरी कार्रवाई का समन्वय सीधे आयुक्त कार्यालय से किया गया था। टीम सुबह करीब चार बजे मौके पर पहुंची और कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संबंधित क्षेत्र के स्थानीय अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। उनका कहना है कि यदि किसी अधिकारी के कार्यक्षेत्र में नियमों का उल्लंघन हो रहा है और अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं है या उसने उस पर ध्यान नहीं दिया, तो उससे भी जवाब मांगा जाएगा।
मुंढे ने यह भी कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले केवल फूड बिजनेस ऑपरेटर ही जिम्मेदार नहीं हैं। किसी मामले में ट्रांसपोर्टर और डीलर की भूमिका सामने आती है तो उनकी जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि जिस तरह खाद्य कारोबार से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की जा रही है, उसी तरह FDA के भीतर यदि किसी स्तर पर गलती या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।