मुंबई

तुकाराम मुंढे की सख्ती पर FSSAI चीफ की मुहर, बोले- ‘खाद्य सुरक्षा कोई सजा वाली पोस्टिंग नहीं’

Food Safety Latest News: महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा नियमों को लेकर सख्ती कर रहे तुकाराम मुंढे की FSSAI चीफ ने तारीफ की है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग कोई 'सजा वाली पोस्टिंग' नहीं है और मुंढे ने बिना अतिरिक्त टीम के भी प्रभावी कार्रवाई करके इसका उदाहरण दिया है।
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Updated: 2 Sep 2026, 2:20 PM IST
FSSAI Chief
खाद्य सुरक्षा को लेकर तुकाराम मुंढे की सख्ती की FSSAI चीफ ने की तारीफ। (फोटो सोर्स-ANI)

Tukaram Mundhe: महाराष्ट्र में खाने-पीने की चीजों की जांच और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई को लेकर तुकाराम मुंढे लगातार चर्चा में हैं। अब उनके काम की तारीफ देश की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा संस्था FSSAI के प्रमुख जी. कमला वर्धना राव ने भी की है। उन्होंने साफ कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग में तैनाती को 'सजा वाली पोस्टिंग' मानना सही नहीं है।

राव के मुताबिक, अगर अधिकारी काम करने की ठान लें तो कम कर्मचारियों के साथ भी खाद्य सुरक्षा के नियमों को ठीक से लागू किया जा सकता है। उन्होंने महाराष्ट्र में मुंढे के काम को इसका अच्छा उदाहरण बताया।

मुंढे ने एक ही टीम के साथ शुरू किया अभियान

तुकाराम मुंढे महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त हैं। उनके नेतृत्व में रेस्टोरेंट, खाने-पीने की दुकानें, गोदाम और दूसरी जगहों पर जांच तेज की गई है। जहां नियमों का उल्लंघन मिला, वहां कार्रवाई की गई। कई मामलों में लाइसेंस निलंबित करने जैसे कदम भी उठाए गए हैं। FSSAI प्रमुख ने मुंढे की इसलिए भी तारीफ की, क्योंकि इस अभियान के लिए अलग से बड़ी टीम नहीं लगाई गई। उन्होंने मौजूदा कर्मचारियों के साथ ही कार्रवाई को आगे बढ़ाया।

राव ने कहा कि इससे पता चलता है कि काम करने की इच्छा हो तो उपलब्ध संसाधनों में भी बेहतर नतीजे हासिल किए जा सकते हैं।

खाद्य सुरक्षा विभाग नहीं मिलती थी इतनी अहमियत

राव ने बताया कि पहले खाद्य सुरक्षा विभाग को उतना महत्व नहीं दिया जाता था। इसके मुकाबले स्वास्थ्य विभाग को ज्यादा प्राथमिकता मिलती रही है। स्वास्थ्य विभाग में अस्पताल, डॉक्टर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी व्यवस्था लंबे समय से मौजूद है। वहीं खाद्य सुरक्षा का पूरा सिस्टम तुलनात्मक रूप से नया है।

इसी वजह से कई जगह खाद्य सुरक्षा आयुक्त की जिम्मेदारी किसी अधिकारी को अतिरिक्त काम के तौर पर दी जाती रही। राव का कहना है कि अब इस व्यवस्था को बदलने की जरूरत है।

उनके मुताबिक, हर राज्य में खाद्य सुरक्षा के लिए अलग और पूर्णकालिक आयुक्त होना चाहिए, ताकि अधिकारी इस काम पर पूरा ध्यान दे सके।

मुंढे की कार्रवाई से लोगों में भी बढ़ी जागरूकता

FSSAI प्रमुख ने कहा कि महाराष्ट्र में चल रही कार्रवाई का असर सिर्फ कारोबारियों तक सीमित नहीं है। इससे आम लोगों के बीच भी खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा को लेकर चर्चा बढ़ी है। लोग अब यह जानने में ज्यादा दिलचस्पी ले रहे हैं कि उनके खाने में इस्तेमाल होने वाली चीजें सुरक्षित हैं या नहीं और दुकानदार या रेस्टोरेंट नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं।

यही वजह है कि मुंढे की कार्रवाई को सिर्फ छापेमारी और लाइसेंस पर कार्रवाई के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इसने खाद्य सुरक्षा विभाग की भूमिका को भी चर्चा में ला दिया है। FSSAI की तारीफ से यह संकेत मिलता है कि खाद्य सुरक्षा अब सिर्फ अतिरिक्त जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रशासन की एक अहम जिम्मेदारी के तौर पर देखी जानी चाहिए।

Updated on:
2 Sep 2026, 2:20 PM IST
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