मुंबई

‘तस्वीरों से बाहर निकली बापू की सोच’: अभिजीत दीपके से मुलाकात के बाद क्यों बोले तुषार गांधी, ‘याद आ गया सत्याग्रह’?

Abhijeet Dipke Latest News: तुषार गांधी ने अभिजीत दीपके से मुलाकात कर Gen Z के जंतर-मंतर आंदोलन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि युवाओं के आंदोलन में उन्हें महात्मा गांधी के सत्याग्रह की झलक दिखाई दी।
2 min read
Aug 20, 2026
Tushar Gandhi
तुषार गांधी ने अभिजीत दीपके से मुलाकात कर Gen Z के आंदोलन की सराहना की। (फोटो सोर्स-@abhijeet_dipke)

Tushar Gandhi: जंतर-मंतर पर हुआ Gen Z का आंदोलन अब खत्म हो चुका है, लेकिन उसे लेकर चर्चा अभी भी बनी हुई है। इसी बीच महात्मा गांधी के परपोते और गांधीवादी कार्यकर्ता तुषार गांधी ने युवा नेता अभिजीत दीपके से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन और दीपके की भूमिका की तारीफ की। तुषार गांधी ने कहा कि इस आंदोलन को देखकर उन्हें महात्मा गांधी के सत्याग्रह की याद आ गई।

छत्रपति संभाजीनगर में हुई इस मुलाकात के बाद तुषार गांधी ने कहा कि वह खुद अभिजीत दीपके से मिलकर उन्हें आंदोलन के लिए बधाई देना चाहते थे। इस दौरान 'हम भारत' संगठन से जुड़े फिरोज मीठीबोरवाला भी मौजूद रहे।

तुषार गांधी ने कहा कि Gen Z और गांधीवादी सोच का एक साथ आना अपने आप में खास बात है। उनके मुताबिक, युवाओं ने जिस तरह अपने मुद्दों और अधिकारों को लेकर आवाज उठाई, उसमें उन्हें गांधी के सत्याग्रह की झलक दिखाई दी।

गांधी सिर्फ तस्वीर नहीं, एक सोच हैं

तुषार गांधी ने कहा कि महात्मा गांधी को लंबे समय से तस्वीरों, स्मारकों और प्रतीकों तक सीमित कर दिया गया है। उनके मुताबिक, गांधी को सिर्फ याद करना काफी नहीं है, बल्कि उनके विचारों को समझना और उन्हें अपने जीवन में उतारना ज्यादा जरूरी है।

उन्होंने कहा कि Gen Z के युवाओं ने अपने मुद्दों को लेकर जिस तरह सवाल उठाए और सरकार से जवाब मांगा, वह दिखाता है कि नई पीढ़ी गांधी की सोच को अपने तरीके से समझ रही है।

तुषार गांधी का कहना था कि युवाओं के इस तरह सवाल पूछने का असर आगे आने वाली पीढ़ी पर भी पड़ सकता है। जब युवा अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर आवाज उठाते हैं तो दूसरे युवाओं को भी अपनी बात रखने का हौसला मिलता है।

दीपके बोले- आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से हुआ

अभिजीत दीपके ने तुषार गांधी से मुलाकात को अहम बताया। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार से जुड़े व्यक्ति की ओर से उनके आंदोलन की तारीफ किया जाना उनके लिए बड़ी बात है। दीपके ने कहा कि उनका आंदोलन शुरू से ही शांतिपूर्ण और अहिंसा के रास्ते पर रहा। उन्होंने महात्मा गांधी की विचारधारा को देश की आत्मा बताते हुए कहा कि युवाओं ने आंदोलन के दौरान इसी सोच को आगे बढ़ाने की कोशिश की।

उनके मुताबिक, गांधी के विचार आज भी उतने ही जरूरी हैं और उन्हें केवल तस्वीर या किसी प्रतीक तक सीमित नहीं किया जा सकता।

आंदोलन खत्म हुआ, लेकिन मुद्दे अभी चर्चा में

जंतर-मंतर का आंदोलन भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन उससे जुड़े मुद्दों और आंदोलन के तरीके पर चर्चा जारी है। ऐसे समय में तुषार गांधी की अभिजीत दीपके से मुलाकात ने इस पूरे घटनाक्रम को एक नया संदर्भ दे दिया है। तुषार गांधी का आंदोलन को सत्याग्रह से जोड़ना खास तौर पर चर्चा में है।

इस मुलाकात के बाद एक बार फिर यह सवाल सामने आया है कि आज की युवा पीढ़ी गांधी के विचारों को किस तरह समझ रही है और अपने मुद्दों की लड़ाई में उनका इस्तेमाल कैसे कर रही है।

Updated on:
20 Aug 2026 09:14 am
Published on:
20 Aug 2026 09:14 am