मुंबई

चावल में रखे कीटनाशक को सूंघने से 2 साल की बच्ची ICU में भर्ती, 15 घंटे में तीन बार रुका दिल

Pesticide Poisoning in Mumbai: दक्षिण मुंबई के गिरगांव की एक दो वर्षीय बच्ची जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। बच्ची एल्यूमिनियम फॉस्फाइड नामक अत्यंत जहरीले कीटनाशक के गंध के संपर्क में आने से गंभीर रूप से बीमार हुई है। उसका आईसीयू में इलाज चल रहा है।

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Jun 16, 2026
Mumbai toddler in ICU pesticide fumes
कीटनाशक की वजह से मासूम को 15 घंटे में आए 3 कार्डियक अरेस्ट (Photo: IANS/File)

Mumbai Pesticide Poisoning News: मुंबई के गिरगांव इलाके से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक दो साल की मासूम बच्ची अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची ने घर में रखे अत्यधिक जहरीले कीटनाशक 'एल्युमिनियम फॉस्फाइड' (Aluminium Phosphide) की गैस सांस के जरिए अंदर खींच ली। बच्ची के परिवार ने इस कीटनाशक को घर में रखे चावल को चूहों और कीड़ों से बचाने के लिए इस्तेमाल किया था।

'एल्युमिनियम फॉस्फाइड' के संपर्क में आने के बाद बच्ची की हालत इतनी गंभीर हो गई कि उसे 15 घंटे के भीतर तीन बार कार्डियक अरेस्ट आया। इसके बाद हाजी अली स्थित एनएच एसआरसीसी चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने उसे अत्याधुनिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा है। फिलहाल बच्ची की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।

उल्टी-दस्त के बाद अचानक बिगड़ी तबीयत

जानकारी के अनुसार बच्ची को शनिवार रात गंभीर डिहाइड्रेशन की हालत में अस्पताल लाया गया था। उसे पिछले दो दिनों से लगातार उल्टी और दस्त की शिकायत थी।

शुरुआत में मामला सामान्य संक्रमण का लग रहा था, लेकिन जब बच्ची को बार-बार कार्डियक अरेस्ट आने लगा तो डॉक्टरों ने गहन जांच शुरू की। इसी दौरान बच्ची के एक रिश्तेदार ने डॉक्टरों को बताया कि कुछ समय पहले घर में बड़े चावल के डिब्बे में एल्यूमिनियम फॉस्फाइड की पुड़िया रखी गई थी और तब से घर में तेज गंध महसूस हो रही थी।

बड़ी बहन भी हुई थी बीमार

डॉक्टरों के अनुसार बच्ची की बड़ी बहन को भी लगभग उसी समय उल्टी और दस्त की शिकायत हुई थी, लेकिन वह दो दिनों के भीतर ठीक हो गई। डॉक्टरों ने बताया कि दोनों बच्चों में एक जैसे लक्षण थे। इस मामले में मेडिको-लीगल केस भी दर्ज किया गया है।

कोई एंटीडोट नहीं, ECMO के सहारे चल रहा इलाज

एल्यूमिनियम फॉस्फाइड विषाक्तता के इलाज के लिए कोई विशेष एंटीडोट है। ऐसे में डॉक्टरों को बच्ची को बचाने के लिए अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों का सहारा लेना पड़ा। बच्ची को एक्स्ट्राकॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनशन (ECMO) पर रखा गया है। यह तकनीक अस्थायी रूप से हृदय और फेफड़ों का काम संभालती है। इसके अलावा बच्ची को कंटीन्युअस रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी (CRRT) भी दी जा रही है।

डॉक्टरों ने शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए उसे विशेष वार्मिंग ब्लैंकेट से भी ढका हुआ है। बच्ची का इलाज बाल गहन चिकित्सा इकाई (PICU) में किया जा रहा है।

क्या है एल्यूमिनियम फॉस्फाइड?

एल्यूमिनियम फॉस्फाइड एक बेहद जहरीला कीटनाशक है, जो आमतौर और चूहे मारने के लिए इस्तेमाल होता है। कम कीमत में मिलने वाले इस कीटनाशक का उपयोग लोग अक्सर अनाज को कीटों और चूहों से बचाने के लिए करते है। नमी के संपर्क में आने पर यह जहरीली फॉस्फीन गैस छोड़ता है, जो सांस के जरिए शरीर में पहुंचकर जानलेवा साबित हो सकता है। बंद जगहों में इसका उपयोग बेहद खतरनाक हो सकता है, खासकर छोटे बच्चों के लिए।

अप्रैल में भी सामने आया था ऐसा ही मामला

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब करीब 45 दिन पहले दक्षिण मुंबई के पायधुनी इलाके में डोकाडिया परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई थी। जांच में सामने आया था कि उन्होंने रात में सोने से पहले जिस तरबूज को खाया था, उसमें जिंक फॉस्फाइड नामक जहरीले रसायन का अंश था।

Updated on:
16 Jun 2026 11:54 am
Published on:
16 Jun 2026 11:51 am