
बिल्ली असलान से बिछड़ने पर श्रुति हासन का छलका दर्द (सोर्स: intagram-shrutzhaasan)
Shruti Haasan emotional post: एक्ट्रेस और सिंगर श्रुति हासन ने तीन महीने पहले जिस पर्शियन बिल्ली के बच्चे असलान को बड़े प्यार से गोद लिया था, अब उससे अलग हो गई हैं। इसकी वजह कोई अनबन नहीं, बल्कि श्रुति की गंभीर एलर्जी है। असलान के घर आने के कुछ ही दिनों बाद उन्हें स्किन रिएक्शन होने लगा, जो तमाम कोशिशों के बावजूद ठीक नहीं हुआ। आखिरकार श्रुति को उसे दोबारा गोद देने का बेहद मुश्किल फैसला लेना पड़ा।
9 अगस्त को सबस्टैक पर शेयर किए एक पर्सनल पोस्ट में श्रुति ने इस पूरे अनुभव के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि वो काफी समय से इस फैसले के बारे में लिखने के लिए सही शब्द तलाश रही थीं, क्योंकि असलान को छोड़ना उनके लिए बेहद इमोशनल और दिल तोड़ने वाला अनुभव रहा।
श्रुति ने बताया कि वो अपनी पूरी एडल्ट लाइफ में बिल्लियों से प्यार करती रही हैं। ऐसे में जब उन्होंने असलान को गोद लिया तो उनके लिए ये बेहद खुशी का पल था। उनके मुताबिक, असलान चंचल, प्यार करने वाला और काफी एनर्जेटिक था।
बता दें, शुरुआत में असलान और श्रुति की दूसरी बिल्ली क्लारा को एक-दूसरे के साथ घुलने-मिलने में थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन बाद में दोनों के बीच सब ठीक हो गया। हालांकि, असलान के घर आने के महज 2 दिन बाद श्रुति को गंभीर स्किन रिएक्शन होने लगा। पहले उन्हें लगा कि शायद ये किसी खाने की वजह से हुआ है। लेकिन जल्द ही उनके चेहरे पर रैश और फोड़े हो गए। उन्होंने इस समस्या को समझने के लिए अपने डर्मेटोलॉजिस्ट से भी सलाह ली।
श्रुति के लिए सबसे मुश्किल बात ये एक्सेप्ट करना था कि जिस बिल्ली के बच्चे को वो प्यार से घर लाई थीं, वही उनकी एलर्जी का कारण हो सकता है। श्रुति को बाद में पता चला कि बिल्ली के बाल और लार उनके रिएक्शन को ट्रिगर कर सकते हैं।
उन्होंने स्थिति को संभालने के लिए कई तरीके आजमाए। असलान के बाल ट्रिम करवाने से लेकर एयर प्यूरीफायर यूज करने, उसे साफ रखने और उसका खाना बदलने तक उन्होंने हर संभव कोशिश की, लेकिन इन उपायों से एलर्जी की समस्या खत्म नहीं हुई। इस पर आगे श्रुति ने बताया कि एलर्जी की दवा भी रिएक्शन को पूरी तरह कंट्रोल नहीं कर पा रही थी और आखिरकार उन्हें एलर्जी मैनेज करने के लिए ज्यादा तेज दवाओं का सहारा लेना पड़ा।
श्रुति हासन ने बताया कि वो असलान को प्यार और अपनापन देना चाहती थीं, जिसकी एक पालतू जानवर को जरूरत होती है। लेकिन इसके साथ ही उन्हें अपनी सेहत का भी ध्यान रखना पड़ रहा था। असलान को छूने के बाद उन्हें हाथ धोने पड़ते थे और इस बात का भी ध्यान रखना पड़ता था कि बिल्ली उनके कपड़ों पर न लगे। यहां तक कि बाहर से घर लौटने के बाद भी उन्हें एलर्जी का रिएक्शन हो जाता था।
उन्होंने ये भी बताया कि हर बार ट्रैवल करके घर लौटने पर उनके शरीर पर एलर्जी के फोड़े हो जाते थे। धीरे-धीरे इसका असर उनकी स्किन से आगे बढ़कर उनके काम, शारीरिक सेहत और मानसिक स्थिति पर भी पड़ने लगा।
आखिरकार श्रुति हासन ने असलान की पहले की फॉस्टर मां से संपर्क किया। वही महिला असलान की गोद लिए जाने से पहले देखभाल कर रही थीं। श्रुति ने असलान को दोबारा उनके पास भेजने का फैसला किया, ताकि उसके लिए एक ऐसा घर ढूंढा जा सके जहां उसकी अच्छी तरह देखभाल हो सके। अब असलान श्रुति के साथ नहीं रहता। उसकी फॉस्टर मां, श्रुति और उनके दोस्त मिलकर उसके लिए एक ऐसा परिवार तलाश रहे हैं जो उसकी अच्छी तरह देखभाल कर सके।
बता दें, श्रुति ने उन लोगों का भी जिक्र किया जो सोच सकते हैं कि एक बिल्ली के बच्चे को लेकर वो इतना भावुक क्यों हो रही हैं। उनके मुताबिक, इंसान और जानवर के बीच का रिश्ता सिर्फ एक पालतू जानवर रखने तक सीमित नहीं होता। उनका मानना है कि जानवर इंसान की भावनात्मक दुनिया का हिस्सा बन जाते हैं। खासकर तब जब वे अपनी भावनाओं को इंसानों की तरह शब्दों में जाहिर नहीं कर सकते।
Updated on:
10 Aug 2026 03:50 pm
Published on:
10 Aug 2026 03:48 pm
