मुंबई

ऑपरेशन टाइगर: 21 जून को शिंदे सेना में शामिल हो सकते हैं उद्धव के 6 बागी सांसद

Shiv Sena UBT MPs Rebel: महाराष्ट्र में जारी सियासी घमासान के बीच उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लगने वाला है। पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत करने वाले 6 लोक सभा सांसद आगामी 21 जून को औपचारिक रूप से एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं।
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Updated: 19 Jun 2026, 5:14 PM IST
Shiv Sena case
एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे (Photo: IANS)

Uddhav Thackeray Shiv Sena UBT Split: महाराष्ट्र की राजनीति में 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर चर्चाएं लगातार तेज होती जा रही हैं। इस बीच बड़ी खबर सामने आ रही है कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के 6 बागी सांसद 21 जून को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में औपचारिक रूप से शामिल हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोक सभा स्पीकर ओम बिरला के फैसले के बाद ये सांसद अपने अगले राजनीतिक कदम का ऐलान जल्द करेंगे।

स्थापना दिवस पर टल गया था प्रवेश

इससे पहले ऐसी खबरें थीं कि इन 6 बागी सांसदों को आज शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान ही पार्टी में शामिल कर लिया जाएगा। हालांकि, शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और उद्धव ठाकरे गुट दोनों ने ही इस बात से साफ इनकार किया था कि स्थापना दिवस कार्यक्रम में ऐसा कोई विलय या प्रवेश तय नहीं है। इसे अब सूत्रों का कहना है कि अब इसके लिए 21 जून का दिन फाइनल किया गया है।

व्हिप के बावजूद बैठक से नदारद रहे 6 सांसद

बगावत करने वाले इन सांसदों में नागेश पाटिल आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजे निंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे शामिल हैं। इन सभी सांसदों ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित शिवसेना (UBT) की संसदीय दल की बैठक से दूरी बना ली थी, जबकि पार्टी की तरफ से इसके लिए बकायदा 'व्हिप' जारी किया गया था। बैठक में केवल अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ही शामिल हुए, जिससे पार्टी के भीतर की गहरी दरार खुलकर सामने आ गई। इसके बाद इन छह सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

आदित्य ठाकरे ने बागियों पर बोला हमला

उद्धव ठाकरे के बेटे व शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे ने 'एक्स' पर लिखा, "आज हमारा 60वां स्थापना दिवस है! एक बार फिर हम गंदी राजनीति का एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण उदाहरण देख रहे हैं। कुछ एहसान फरामोश और बिकाऊ मानसिकता वाले लोग, जो 2024 में जिनके दम पर चुनाव जीतकर आए थे, आज उन्हीं के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। चाहे कितने भी तर्क और बहाने दिए जाएं… सच्चाई सिर्फ एक है कि आपने खुद को बेशर्मी से बेच दिया है। आपने केवल खुद को ही नहीं बेचा, बल्कि अपनी प्रतिष्ठा, अपनी पहचान और अपने परिवार के सम्मान को भी दांव पर लगा दिया है।"

पूर्व मंत्री ठाकरे ने आगे कहा, "महाराष्ट्र इस तरह की गंदी राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगा… बिल्कुल नहीं! इस अंधेरे दौर में रोशनी दिखाने का काम सिर्फ और सिर्फ हमारी 'मशाल' ही करेगी।"

Updated on:
19 Jun 2026, 5:14 PM IST
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