
शिवसेना (UBT) के छह बागी सांसदों पर संजय राउत का बड़ा हमला (Photo: FB/Sanjay Raut/File)
Uddhav Thackeray Shiv Sena Crisis: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में चार वर्षों के भीतर दूसरी बार बड़ी राजनीतिक टूट देखने को मिली है। पार्टी के 6 लोकसभा सांसदों द्वारा अलग राह अपनाने के फैसले के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। हालांकि, बागी सांसदों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन शिवसेना (यूबीटी) ने उन पर जोरदार हमला बोलना शुरू कर दिया है।
शिवसेना उद्धव गुट के सांसद और मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने बागी सांसदों को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह कोई वैचारिक बगावत नहीं, बल्कि खुद को बेचने का मामला है। उन्होंने दावा किया कि इन सांसदों के बीच केंद्रीय मंत्री पद को लेकर भी विवाद शुरू हो गया है और देर रात इस पर कोई समझौता कराया गया। वे किसी बड़े विचार के लिए नहीं टूटे हैं।
मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान संजय राउत ने कहा कि वह इस घटनाक्रम को पार्टी में फूट नहीं मानते। उन्होंने कहा, "कोई व्यक्ति विचारधारा के लिए पार्टी छोड़ता है तो उसे फूट कहा जा सकता है, लेकिन जब कोई खुद को बाजार में बेचने के लिए खड़ा कर दे और कोई उसे खरीद ले, तो उसे फूट नहीं बल्कि सौदा कहा जाता है।"
राउत ने आरोप लगाया कि दो दिन पहले उनकी पार्टी के 6 सांसदों ने खुद को राजनीतिक बाजार में पेश किया और फिर उनकी बोली लगाकर उन्हें खरीद लिया गया। उन्होंने कहा कि इन सांसदों ने किसी बड़े सिद्धांत या विचारधारा के लिए पार्टी नहीं छोड़ी है।
संजय राउत ने दावा किया कि बागी सांसदों के बीच मंत्री पद को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। उनके मुताबिक, बागी सांसद मंत्री बनना चाहते हैं, जिस कारण आपसी विवाद पैदा हुआ। हालांकि, उन्होंने कहा कि कल देर रात इस विवाद का कोई मध्यस्थ समाधान निकाल लिया गया। राउत ने दावा किया कि इसका समाधान यह निकला है कि सिर्फ एक बागी को मंत्री पद मिलेगा और बाकी पांच को मुआवजे के तौर पर अतिरिक्त 25 करोड़ रुपये दिए जाएंगे, बशर्ते वे कोई हंगामा न खड़ा करें।
इससे पहले राज्य के जल संसाधन मंत्री और भाजपा नेता गिरीश महाजन ने संजय राउत पर कटाक्ष किया था। महाजन ने दावा किया कि संजय राउत की वजह से ही उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। उन्होंने राज्य सभा सांसद संजय राउत को ‘मानव बम’ बताते हुए कहा कि उद्धव ने उन्हें अपने गले में बांध रखा है और इसका खामियाजा उनकी पार्टी को भुगतना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीबी गिरीश महाजन ने कहा कि उन्होंने कई बार उद्धव ठाकरे को संजय राउत पर लगाम लगाने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी।
Updated on:
19 Jun 2026 02:40 pm
Published on:
19 Jun 2026 01:09 pm
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