मुंबई

महाविकास आघाड़ी में बढ़ी रार! बैठक में नहीं पहुंचे शरद पवार और 23 विधायक, उद्धव ने पूछा- क्या हम सच में साथ हैं?

Uddhav Thackeray MVA Meet: शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों के शिंदे गुट में जाने के बाद उद्धव ठाकरे ने MVA की बैठक में सहयोगी दलों की एकता पर सवाल उठाए। 60 में से सिर्फ 37 विधायक पहुंचे, विधानसभा की संयुक्त रणनीति पर हुई चर्चा।
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Jun 25, 2026
MVA Meeting rift
उद्धव ठाकरे और शरद पवार (Photo: IANS)

MVA Meeting: शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में जाने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस बीच, बुधवार रात महाविकास आघाड़ी (MVA) ने एकजुटता का संदेश देने के लिए मुंबई में डिनर मीटिंग आयोजित की। हालांकि इस बैठक में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार शामिल नहीं हुए, लेकिन शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, एनसीपी (शरद गुट) के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे और सांसद संजय राउत समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

उद्धव का सहयोगी दलों से बड़ा सवाल

बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे ने महाविकास आघाड़ी (एमवीए) की एकजुटता पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल साथ होने का दावा करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा, "हम कहते हैं कि हम साथ हैं, लेकिन क्या हम वास्तव में साथ हैं?" एमवीए में कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव गुट) और एनसीपी (शरद गुट) शामिल है।

उद्धव ने दी मिलकर लड़ने की नसीहत

रिपोर्ट्स के मुताबिक, उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्हें यह महसूस हो रहा है कि क्या महाविकास आघाड़ी वास्तव में एकजुट होकर विधानसभा और विधान परिषद में जनता के मुद्दे उठा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विपक्ष को सदन के भीतर और बाहर पूरी मजबूती और एकजुटता के साथ सरकार का सामना करना चाहिए।

60 में से केवल 37 विधायक बैठक में पहुंचे

महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बुलाई गई इस विशेष बैठक में महाविकास आघाड़ी (MVA) के तीनों दलों के कुल 60 विधायकों में से केवल 37 विधायक ही शामिल हुए। कम उपस्थिति को लेकर राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

इन मुद्दों पर हुई चर्चा

मुंबई में हुई इस बैठक में विपक्षी दलों ने विधानसभा कार्यवाही को लेकर साझा रणनीति तैयार की। नेताओं ने फैसला किया कि जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में आक्रामक तरीके से उठाया जाएगा। साथ ही सदन के भीतर और बाहर सभी सहयोगी दल एक समान रुख अपनाएंगे। इसके साथ ही तीनों दलों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने और संगठनात्मक स्तर पर तालमेल मजबूत करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

छह सांसदों के जाने के बाद पहली बड़ी बैठक

शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल होने के बाद यह महाविकास आघाड़ी की पहली बड़ी रणनीतिक बैठक थी। ऐसे समय में शरद पवार का न आना और फिर उद्धव ठाकरे का सहयोगी दलों से एकता पर सवाल उठाना राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।

Updated on:
25 Jun 2026 11:04 am
Published on:
25 Jun 2026 10:30 am