
Operation Tiger Maharashtra: महाराष्ट्र की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) में एक बार फिर बड़ी बगावत होने की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, उद्धव गुट के कुल 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। खुद एकनाथ शिंदे आज इन बागी माने जा रहे सांसदों से मुलाकात कर सकते हैं। इसके बाद इन सांसदों के समर्थन का पत्र लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंपा जा सकता है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है।
उद्धव ठाकरे के करीबी सहयोगी और राज्य सभा सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए सनसनीखेज आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के सांसदों को खरीदने के लिए 15-15 करोड़ रुपये एडवांस दिए गए है। उन्होंने इसे चौंकाने वाला और घृणित कदम बताते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी टैग किया। राउत के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।
उद्धव ठाकरे की पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से छह सांसद शिंदे गुट के संपर्क में बताए जा रहे हैं। खबर है कि ये सांसद अलग-अलग माध्यमों से दिल्ली पहुंच रहे हैं और वहां उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पहल पर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से गुप्त मुलाकात कर सकते हैं। यह भी चर्चा है कि इस राजनीतिक समीकरण के तहत एक ‘बागी’ सांसद को केंद्र सरकार में राज्य मंत्री पद देने पर बातचीत हुई है।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र में कथित 'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चा जोरों पर है। कहा जा रहा है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व से नाराज कई सांसद एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं। इसी पृष्ठभूमि में उद्धव ठाकरे ने रविवार को ‘मातोश्री’ आवास पर अपने सांसदों की बैठक बुलाई थी। बैठक में चार सांसद प्रत्यक्ष रूप से शामिल हुए, जबकि पांच सांसद ऑनलाइन जुड़े थे। ऑनलाइन मौजूद सांसदों ने अनुपस्थिति के अलग-अलग कारण बताए थे, लेकिन राजनीतिक गलियारों में तभी से उनके शिंदे गुट में जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं।
इस संभावित टूट को देखते हुए ठाकरे गुट ने भी कानूनी और राजनीतिक स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी है। लोकसभा में पार्टी के नेता अरविंद सावंत ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर मांग की है कि पार्टी का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले किसी भी कथित अलग या बागी समूह को स्वतंत्र मान्यता, विशेषाधिकार या अलग दर्जा न दिया जाए।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि नौ में से छह सांसद अलग हो जाते हैं तो वे लोकसभा में एक अलग समूह बनाने का दावा कर सकते हैं, जिससे उन्हें दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।
उद्धव ठाकरे की शिवसेना के वर्तमान नौ लोकसभा सांसदों में अनिल देसाई, अरविंद सावंत, संजय दीना पाटील, राजाभाऊ वाजे, संजय जाधव, संजय देशमुख, नागेश पाटील आष्टीकर, ओमराजे निंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे शामिल हैं।
वहीं जिन सांसदों के शिंदे गुट के संपर्क में होने की चर्चा है, उनमें संजय जाधव, संजय देशमुख, नागेश पाटील आष्टीकर, ओमराजे निंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। इसके अलावा संजय दीना पाटील के भी दिल्ली पहुंचने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि वे शिंदे की शिवसेना का समर्थन करने वाले छठे सांसद हो सकते हैं। जबकि रविवार को मातोश्री की बैठक में वह गए थे।