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‘मुझे संघी बनना है, कन्वर्ट होना है’, कंगना रनौत का बड़ा बयान, बोलीं- मैं भी अवेकंड हिंदू बनना चाहती हूं, मुझे क्यों रोका जाता है?

Kangana Ranaut Sanghi Statement: कंगना रनौत ने हाल ही में समाज के दोगलेपन को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सवाल किया है कि वो कन्वर्ट क्यों नहीं हो सकतीे?
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मुंबई

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Himanshu Soni

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Updated: 3 Aug 2026, 12:17 PM IST

Kangana Ranaut Statement On Sanghi

कंगना रनौत ने संघी होने पर दिया बयान (फोटो सोर्स- Instagram/kanganaranaut)

Kangana Ranaut Sanghi Statement: बॉलीवुड अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने बेबाक बयान को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में अपनी वैचारिक सोच को खुलकर सामने रखा। वीडियो में कंगना ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपनी विचारधारा बदलना चाहता है, तो उसे ऐसा करने की पूरी आजादी होनी चाहिए। उन्होंने खास तौर पर इस बात पर जोर दिया कि उन्हें 'संघी' या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की विचारधारा अपनाने में कोई हिचक नहीं है।

'मुझे संघी बनना है, मैं क्यों नहीं बन सकती?'

वीडियो में कंगना रनौत ने कहा कि अक्सर उनसे सवाल किया जाता है कि वह कब से 'संघी' बन गईं। इस पर उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि अगर वह पहले एक मॉडरेट हिंदू थीं और अब खुद को एक 'अवेकंड हिंदू' के रूप में देखना चाहती हैं, तो इसमें गलत क्या है।

उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को अपनी सोच और विचारधारा बदलने की आजादी है, तो उन्हें भी अपनी पसंद की विचारधारा अपनाने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए। कंगना के मुताबिक, समाज को इस पर दोहरे मापदंड नहीं अपनाने चाहिए।

हिंदू बेटियों को लेकर उठाया सवाल

कंगना ने अपने वीडियो में फिल्म इंडस्ट्री की महिलाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई ऐसी हिंदू लड़कियों और महिलाओं को करीब से देखा है, जिनकी शुरुआत में राजनीति या धर्म को लेकर कोई खास राय नहीं होती। लेकिन समय के साथ उनके विचार पूरी तरह बदल जाते हैं।

अभिनेत्री ने कहा कि अगर कोई अपनी इच्छा से किसी भी विचारधारा या धर्म को अपनाता है तो यह उसका संवैधानिक अधिकार है। लेकिन जब कोई हिंदू महिला अपनी धार्मिक या वैचारिक पहचान को लेकर खुलकर बात करती है, तब उसे अलग नजर से देखा जाता है।

'मुझे बार-बार मेरे पुराने दिनों की याद दिलाई जाती है'

कंगना ने कहा कि जब भी वह अपने वर्तमान विचारों की बात करती हैं, तब लोग उनके पुराने जीवन की बातें सामने लाने लगते हैं। उनके मुताबिक, उन्हें यह कहकर घेरा जाता है कि उन्होंने पहले फिल्मों में ग्लैमरस भूमिकाएं निभाईं, पार्टियां कीं या अलग तरह की जिंदगी जी।

उन्होंने कहा कि इंसान समय के साथ बदलता है और उसकी सोच भी बदल सकती है। ऐसे में किसी के अतीत के आधार पर उसके वर्तमान विचारों पर सवाल उठाना सही नहीं है।

समाज की 'दोगली सोच' पर जताई नाराजगी

कंगना रनौत ने कहा कि समाज में दोहरे मानदंड दिखाई देते हैं। उनके अनुसार, अगर कोई व्यक्ति दूसरी विचारधारा या जीवनशैली अपनाता है तो उसे आसानी से स्वीकार कर लिया जाता है, लेकिन जब कोई हिंदू महिला अपनी धार्मिक पहचान या हिंदुत्व से जुड़ी सोच को खुलकर अपनाने की बात करती है, तो उस पर सवाल खड़े किए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि यह मानसिकता बदलनी चाहिए और हर व्यक्ति को अपनी विचारधारा चुनने की समान स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।

लोगों से मांगी राय

वीडियो के आखिर में कंगना ने अपने फॉलोअर्स से भी राय मांगी। उन्होंने कहा कि वो जानना चाहती हैं कि लोग उनके विचारों के बारे में क्या सोचते हैं और उनकी वैचारिक यात्रा को किस तरह देखते हैं। साथ ही उन्होंने दोहराया कि हर महिला को अपनी सोच और पहचान तय करने की पूरी आजादी मिलनी चाहिए।