कंगना रनौत ने कहा कि समाज में दोहरे मानदंड दिखाई देते हैं। उनके अनुसार, अगर कोई व्यक्ति दूसरी विचारधारा या जीवनशैली अपनाता है तो उसे आसानी से स्वीकार कर लिया जाता है, लेकिन जब कोई हिंदू महिला अपनी धार्मिक पहचान या हिंदुत्व से जुड़ी सोच को खुलकर अपनाने की बात करती है, तो उस पर सवाल खड़े किए जाते हैं।