
Delhi Police ACP Manasvi Vashishta Suspended: दिल्ली पुलिस में इन दिनों पुलिसकर्मियों और वकीलों के बीच विवाद को लेकर हलचल मची हुई है। इसी बीच दिल्ली पुलिस के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) मनस्वी वशिष्ठ को निलंबित कर दिया गया है। उन पर यह कार्रवाई 2 नवंबर को दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर हुए विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने और उसका नेतृत्व करने के बाद की गई। इस प्रदर्शन में करीब 150 पुलिसकर्मी शामिल हुए थे। पुलिसकर्मी अपने दो अधिकारियों के तबादले के फैसले का विरोध कर रहे थे।
मनस्वी वशिष्ठ का नाम अब इस पूरे विवाद के केंद्र में आ गया है। सवाल उठ रहा है कि आखिर एसीपी मनस्वी वशिष्ठ कौन हैं और किस मामले में उनका तबादला किया गया था, जिसके बाद पुलिसकर्मियों को मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करना पड़ा?
कौन हैं ACP मनस्वी वशिष्ठ?
मनस्वी वशिष्ठ दिल्ली पुलिस में सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) के पद पर तैनात अधिकारी हैं। वह DANIPS (दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप पुलिस सेवा) कैडर के अधिकारी हैं। यह सेवा केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस प्रशासन से जुड़ी है।
मनस्वी वशिष्ठ इससे पहले दिल्ली के गांधी नगर सब-डिवीजन में एसीपी के पद पर तैनात थे। 28 अक्टूबर को उनका तबादला कर दिया गया था। उन्हें स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर वुमेन एंड चिल्ड्रन (SPUWAC) में भेजा गया था। उनके साथ शाहदरा थाने के तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर अरुण कुमार का भी तबादला किया गया था। उन्हें सुरक्षा यूनिट में भेजा गया था।
इस पूरे विवाद की शुरुआत 23 अक्टूबर को पूर्वी दिल्ली के शाहदरा पुलिस स्टेशन में हुई एक घटना से हुई थी। यहां पुलिसकर्मियों और वकीलों के बीच विवाद हो गया था। इस दौरान अधिवक्ता ललित बंसल के सिर में गंभीर चोट लगने की बात सामने आई थी।
आरोप है कि घटना के बाद कुछ वकील मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर थाने पहुंचे थे। इस दौरान पुलिस और वकीलों के बीच फिर से विवाद हुआ। वकीलों ने पुलिस अधिकारियों पर दुर्व्यवहार और धमकी देने के आरोप लगाए। वहीं, पुलिसकर्मियों ने भी वकीलों के व्यवहार को लेकर शिकायतें उठाईं।
इस घटना के विरोध में दिल्ली की जिला अदालतों के वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के तबादले के बाद वकीलों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली।
28 अक्टूबर को ACP मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा थाने के तत्कालीन SHO अरुण कुमार का तबादला कर दिया गया। इस फैसले से दिल्ली पुलिस के एक वर्ग में नाराजगी देखी गई। पुलिसकर्मियों का कहना था कि वकीलों के साथ विवाद के बाद अधिकारियों का तबादला करना उचित नहीं है।
इसी के विरोध में 2 नवंबर को करीब 150 पुलिसकर्मी दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर जुटे। प्रदर्शनकारियों ने दोनों अधिकारियों का तबादला रद्द कर उन्हें पुराने पद पर बहाल करने की मांग की। पुलिसकर्मियों ने पुलिस की वर्दी के सम्मान और ड्यूटी के दौरान आने वाली समस्याओं को लेकर भी आवाज उठाई।
प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों ने 'वर्दी का अपमान नहीं सहेंगे' जैसे नारे लगाए। बाद में पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार और वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस बैठक में पुलिसकर्मियों ने अपनी मांगें रखीं।
2 नवंबर को हुए प्रदर्शन के अगले ही दिन यानी 3 नवंबर को ACP मनस्वी वशिष्ठ को निलंबित कर दिया गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन में शामिल होने के मामले में यह कार्रवाई की गई। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इसे अनुशासनहीनता से जुड़ी कार्रवाई बताया गया है। इस घटनाक्रम ने दिल्ली पुलिस और वकीलों के बीच पहले से चल रहे विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है।