एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मुख्यमंत्री के "बंटोगे तो कटोगे" बयान को लेकर सवाल उठाए और इसे जनता को डराने की साजिश बताया। साथ ही ओवैसी ने मुजफ्फरनगर दंगे की याद दिलाकर अखिलेश यादव को भी घेरने की कोशिश की।
उत्तर प्रदेश की मुजफ्फरनगर की मीरापुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर बयानों का दौर चरम पर पहुंच गया है। एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने ककरोली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव पर तीखा हमला किया।
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि भाजपा महंगाई और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए समाज में जहर फैला रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ का बयान "बंटोगे तो कटोगे" से जनता को डराने और गुमराह करने की कोशिश कर रही है। ओवैसी ने झांसी में बच्चों की जान बचाने वाले याकूब का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या मुख्यमंत्री उनके सामने भी ऐसा बयान दे सकते हैं।
ओवैसी ने सपा और राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) पर निशाना साधते हुए कहा कि ये दोनों पार्टियां एक सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान नाकामी का आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय मुख्यमंत्री अखिलेश यादव थे लेकिन दंगा पीड़ित टेंटों में रहने को मजबूर थे। जबकि सैफई में उत्सव मनाया जा रहा था।
ओवैसी ने वक्फ संपत्तियों को लेकर भी अपनी चिंताओं को व्यक्त किया। उन्होंने वक्फ बिल को "काला कानून" करार देते हुए कहा कि इसके लागू होने से वक्फ की संपत्तियों पर जिलाधिकारियों का कब्जा हो जाएगा, जिससे मुस्लिम समुदाय को भारी नुकसान होगा। अपने भाषण में ओवैसी ने फिलिस्तीन का उदाहरण देकर मुस्लिम समुदाय को एकजुट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में मुसलमानों के साथ हो रहे अन्याय को देखते हुए अब हमें अपनी आवाज उठानी होगी।