
मुफ्फरनगर. सत्ता के नशे में चूर दबंगों की एक ऐसी करतूत सीसीटीवी में कैद हुई है, जिसमें आधा दर्जन लोग एक दुकान में घुसकर दुकानदार को बेरहमी से पीट रहे हैं। दुकानदार की मां इन दबंगों से रहम की भीख मांगते हुए मारपीट करने से रोकने का प्रयास करती रही, लेकिन ये अपनी दबंगई दिखाते हुए दुकानदार को पीटते रहे। दबंगों की ये करतूत दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। जब पीड़ित इन दबंगों की शिकायत करने थाने पहुंचा तो थानेदार ने उल्टा पीड़ित को ही धमकाते हुए उस पर समझौता करने का दबाव बना डाला। सूत्रों के अनुसार, मारपीट करने वाले दबंगों को भाजपा नेताओं का संरक्षण प्राप्त है, जिस वजह से थाना शाहपुर पुलिस कार्रवाई करने से कतरा रही है।
दरअसल, यह मामला मुजफ्फरनगर के थाना शाहपुर थाना क्षेत्र का हैं। जहां दबंग सूदखोरों ने एक रेडीमेड गारमेंट के दुकानदार अतुल जैन को उसकी दुकान में घुसकर जमकर पीटा है। उसका मासूम बेटा और विधवा मां दबंगों के आगे रहम की भीख मांगते रहे, लेकिन इन लोगों का दिल नहीं पसीजा। यहां बता दें कि दुकानदार अतुल जैन ने तीन वर्ष पूर्व लिया कर्ज दस गुना रकम में अदा करने के लिए पुश्तेनी दुकान व मकान बेचकर चुका दिया था। आरोप है कि उस समय पीड़ित कर्जदार के सामने आत्महत्या करने के अलावा कोई रास्ता नहीं था, लेकिन उस समय रिस्तेदारों और दोस्त उसके लिए अवतार बने और उसे सहारा देकर फिर से उसको नई जिंदगी दी। तीन वर्ष पूर्व सूदखोरों का हिसाब होने के बाद सब कुछ बेचकर उनके हिसाब को फाइनल कर दिया था। लेकिन, तीन वर्ष बाद अचानक ये सूदखोर उस समय सक्रिय हुए जब छह माह पूर्व कस्बे में सत्ता पक्ष के सिम्बल पर यहां इनका एक रिश्तेदार चेयरमैन बना। ये सूदखोर कस्बे के चेयरमैन व भाजपा के बड़े नेताओं के एक गुर्गे के नजदीकी हैं। आरोप है कि इस प्रकरण में सत्ता पक्ष के कई बड़े नेताओं का भी इन सूदखोरों को संरक्षण प्राप्त है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भाजपा के बड़े नेताओं के हस्तक्षेप के चलते पुलिस ने पीड़ित का मुकदमा भी दर्ज नहीं किया। हालांकि शिकायती पत्र जरूर ले लिया है। सूदखोरों की और से पीड़ित पक्ष के विरुद्ध भी तहरीर ले ली है। एसपी देहात अजय सहदेव अब इस मामले में सीसीटीवी के आधार पर कार्रवाई की बात कही है। वहीं शाहपुर थाने का कोतवाल नेताओं की जी हुजूरी में इतना लीन है कि अधिकारियों को भी मामले में भ्रमित कर रहा है। सीसीटीवी में कई मिनट तक हुई इस मारपीट को भी मामूली कहासुनी बता रहा है। ऐसे में पुलिस से आम जनमानस इंसाफ की क्या उम्मीद कर सकता है?