मुजफ्फरनगर

टीचर ने बच्चों के साथ किया कुछ ऐसा कि घर छोड़कर निकल पड़े हरिद्वार

हर मां-बाप का एक ख्वाब होता है कि उनके बच्चे पढ़-लिखकर कुछ बड़ा करें। जिससे उनका नाम रोशन हो सके। इसके चलते लोग अपने बच्चों को बड़े-बड़े स्कूलों में मोटी फीस देकर भेजते हैं।
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टीचर ने बच्चों के साथ किया कुछ ऐसा कि घर छोड़कर निकल पड़े हरिद्वार

मुजफ्फरनगर। हर मां-बाप का एक ख्वाब होता है कि उनके बच्चे पढ़-लिखकर कुछ बड़ा करें। जिससे उनका नाम रोशन हो सके। इसके चलते लोग अपने बच्चों को बड़े-बड़े स्कूलों में मोटी फीस देकर भेजते हैं। वहीं एक शिक्षक का रोल बच्चों की जिंदगी में बेहद अहम होता है। कारण, उसी के द्वारा दी गई शिक्षा के चलते बच्चे अपने मां-बाप का सपना पूरा करते हैं। लेकिन अगर शिक्षक की बच्चों का मनोबल खत्म कर दें तो जरा सोचिए कि कैसे कोई आगे बढ़ सकेगा।

दरअसल, ऐसा ही एक मामला मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र का सामने आया है। जहां पुलिस ने गश्त के दौरान बड़ौत रोड पर दो नाबालिक बच्चों को स्कूल ड्रेस में ट्यूबेल पर बैठा देखा। पुलिस ने उनसे बातचीत की। बच्चे पुलिस को देखकर रोने लगे। जिसके बाद पुलिसकर्मी दोनों बच्चों को चौकी ले आये और बच्चों को अच्छी तरह खाना खिलाकर बात की। पुलिस को बच्चों ने बताया की स्कूल में मैडम की पिटाई के बाद वह गांव छोड़कर हरिद्वार जा रहे थे। जिसके बाद पुलिस ने बिनौली थाने में सूचना देने के बाद बच्चों को उसके परिजनों को सौंप दिया।

मामला बुढाना कोतवाली क्षेत्र के बायवाला चौकी का है जहां चौकी पर तैनात अभिषेक नागर व गवेंद्र सिंह और सुनील कुमार हर रोज की तरह सोमवार की दोपहर को बड़ौत मार्ग पर गश्त कर रहे थे। गश्त के दौरान पुलिसकर्मियों ने सुमसान रास्ते पर 2 स्कूल ड्रेस में बच्चे देखे। जैसे ही दोनों स्कूली बच्चों के पास पुलिसकर्मी पहुंचे तो वह रोने लगे। पुलिस ने बच्चों को चुप किया और बच्चों को बायवाला चौकी पर ले आए। यहां बच्चों की खूब खातिरदारी की।

जिसके बाद दोनों बच्चों ने अपना नाम के साथ बताया कि वह थाना बिनौली जनपद बागपत के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि वह जैन बाल एकेडमी पब्लिक स्कूल बिनौली में पढ़ते हैं। जहां मैडम के द्वारा पिटाई करने से नाराज होकर दोनों छात्र अपना बैग गांव के ही मंदिर में छोड़कर हरिद्वार के लिए गांव से निकल गए थे। बायवाला पुलिस ने बागपत जनपद के बिनौली थाने में दोनों स्कूली बच्चों की जानकारी दी।

जिसके बाद बच्चों की तलाश कर रहे परिजनों के साथ मौके पर ग्रामीण पहुंचे और बायवाला चौकी पहुंचकर बच्चों को सकुशल देखकर परिजन खुश हो गए। बायवाला पुलिस ने लिखापढ़ी करने के बाद दोनों स्कूली छात्रों को उनके परिजनों सौंप दिया। बच्चों के पिता मनोज कश्यप ने बताया कि बच्चे सुबह स्कूल के लिए निकले थे। शाम को ये वापस घर नहीं लौटे तो हमने थाने में सूचना दी। वहीं रात में हमें बताया गया कि बच्चे मुजफ्फरनगर में हैं और ये हरिद्वार के लिए निकले हैं।

एसपी सिटी मुजफ्फरनगर ओमबीर सिंह ने बताया कि दोपहर करीब 12:45 दो बच्चों को ट्यूबवेल पर बैठा देखा गया। संदेह होने पर पुलिसकर्मी उन्हें चौकी ले आए। पूछताछ में उन्होंने बताया कि स्कूल में टीचर ने किसी बात को लेकर उन्हें डांट दिया था जिसके बाद वह अपने बैग को गांव के ही एक मंदिर में रखकर हरिद्वार के लिए निकल पड़े। बच्चों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है।

Published on:
09 Oct 2018 03:03 pm
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