
मुजफ्फरनगर. दुनियां में आपने एक से बढ़कर एक शख्सियत देखी होगी और उनके निराले शौक के बारे में भी सुना होगा। आज हम आपको एक ऐसी ही शख्सियत के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका अजब शौक सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे। ये शौकीन मिजाज हैं मुजफ्फरनगर स्थित हनुमान चौक के रहने वाले जय कुमार उर्फ जय। इनके नाम की नहाने की साबुन क्या आई जनाब ने साबुन का कलेक्शन ही इकठ्ठा कर डाला। बता दें कि जय को साबुनों की वैराइटी इकठ्ठा करने का शौक 40 साल से है। उन्होंने अपने घर के एक कमरे में नहाने की अलग-अलग कंपनी और नाम से लगभग 11 हजार साबुनों का कलेक्शन कर रखा है।
दरअसल 2015 में 8 हजार नहाने की साबुन का कलेक्शन कर चर्चाओं में आए जय कुमार ने अब अपने इस खजाने में 11 हजार साबुनों का कलेक्शन कर लिया है। उनके साबुनों के खजाने में देशी-विदेशी लगभग सभी ब्रांड की साबुन हैं, जिन्हें उन्होंने एक शोकेस में सजा रखा है। बता दें कि जय के पास 100 साल पुरानी साबुन भी मौजूद है। अपने बचपन का जिक्र करते हुए 55 वर्षीय जय कुमार बताते हैं कि जब वे 15 साल के थे तो जय नाम की साबुन बाजार मिलती थी। उस समय उनकी माली हालत ठीक नहीं थी, जिसके चलते उनके पास उसे खरीदने के पैसे भी नहीं थे, लेकिन एक दिन उनके मामा ने उन्हें दो साबुन दिलवा दी, जिन्हें जय ने इस्तेमाल ना करके अपने शोकेश में सजा दिया। उसके बाद जब भी उन्हें पैसे मिलते तो जय साबुन खरीद लाते धीरे-धीरे जय को साबुन जमा करने का शौक लग गया। और आज उनके पास विभिन्न ब्रांड की देश-विदेश की लगभग 11 हजार साबुन हैं। बता दें कि आज जय कुमार इलेक्ट्रॉनिक सामान के स्टोर के मालिक हैं और उनके बचपन का ये शौक आज भी बरकार है। जो भी इस साबुनों के खजाने के बारे में सुनता है वह हैरत में पड़ जाता है।
जय ने बताया कि साबुन के क्लेक्शन का शौक उन्हें 15 साल की उम्र में लगा था। उस समय मेरे नाम की साबुन आती थी तो मेरा भी होता था कि मैं भी उससे नहाऊं, लेकिन मेरे घर की स्थिति ऐसी नहीं थी कि साबुन खरीद सकूं। मेरी मां उस समय लाइफबॉय साबुन लेकर आती थी, क्योंकि वह काफी सस्ता था। इसके बाद से जब भी उनके पास पास पैसे आते तो वे साबुन खरीद कर रख लेते। जब 20-25 साबुन इकट्ठा हो गए तो मेरे मन में आया कि क्यों ने साबुनों का कलेक्शन किया जाए और इस तरह अलग-अलग साबुन इकठ्ठा करने शुरू कर दिए। इसी के चलते आज की तारीख में साबुन का दुनिया का सबसे बड़ा क्लेक्शन मेरे पास है। इतना बड़ा क्लेक्शन वर्ल्ड में किसी के पास नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि दुनिया की ऐसी कोई साबुन नहीं है जो उनके कलेक्शन में न हो। उनके कलेक्शन में 1 पैसे से लेकर और लगभग 11 हजार रुपए तक की साबुन है। इनमें से कुछ साबुन उनके रिश्तेदार और जानकारों ने गिफ्ट किए हैं। उन्होंने बताया कि साबुन पर बहुत खर्च होता है, क्योंकि ये एक महंगा शौक है। जब भी साबुन के पैकिंग और ग्लैमर हमेशा चेंज होते हैं। मैं तभी उसको खरीदकर अपने क्लेक्शन में लगा लेता हूं, चाहे वह कहीं की साबुन हो।