
Tamanna Malik Statement: संभल की रहने वाली तमन्ना मलिक एक बार फिर अपनी कांवड़ यात्रा को लेकर सुर्खियों में हैं। पहले प्रशासन की ओर से नोटिस मिलने के बाद भी उन्होंने इस बार दोबारा हरिद्वार से गंगाजल लेकर यात्रा शुरू की है। उनका कहना है कि वह 11 अगस्त को शिवरात्रि के अवसर पर गाजियाबाद के डासना मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगी।
तमन्ना मलिक अपने पति अमन त्यागी और साथी अलीशा बानो के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर निकली हैं। यात्रा के दौरान जब वह मुजफ्फरनगर पहुंचीं तो मीडिया से बातचीत में उन्होंने अपनी धार्मिक आस्था और यात्रा को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।
तमन्ना मलिक ने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को अपनी आस्था मानने और अपनी पसंद के कपड़े पहनने की आजादी देता है। उन्होंने कहा कि इसी अधिकार के तहत वह कांवड़ यात्रा कर रही हैं और इसमें किसी तरह की रोक नहीं होनी चाहिए।
बातचीत के दौरान तमन्ना ने कहा कि उन्हें सनातन धर्म में महिलाओं के सम्मान और अधिकार की भावना दिखाई देती है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका व्यक्तिगत अनुभव उन्हें इस राह पर लेकर आया है।
तमन्ना ने पहले मिले प्रशासनिक नोटिस पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि कानून किसी काम से नहीं रोकता, तो केवल धार्मिक आस्था के आधार पर नोटिस देना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि फरवरी में भी वह एक और कांवड़ यात्रा निकालने का प्रयास करेंगी।
तमन्ना के पति अमन त्यागी ने कहा कि पति-पत्नी एक-दूसरे के फैसलों का सम्मान करते हैं और वह अपनी पत्नी की धार्मिक आस्था का पूरा समर्थन करते हैं। उन्होंने यह भी मांग की कि कांवड़ यात्रा को लेकर आपत्तिजनक बयान देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
पिछले कुछ समय से तमन्ना मलिक का नाम कांवड़ यात्रा और उससे जुड़े विवादों के कारण लगातार चर्चा में रहा है। प्रशासनिक नोटिस के बाद भी दोबारा यात्रा निकालने के फैसले ने एक बार फिर इस मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है। हालांकि, इस पूरे मामले में प्रशासन और संबंधित पक्षों की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।