मुजफ्फरनगर

महिला शिक्षिका बोली प्रधानाचार्य ने कहा… और बिगड़ गई तबीयत

पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शिक्षिका से घटनाक्रम की जानकारी ली और जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया।

less than 1 minute read
victim woman
महिला शिक्षिका बोली प्रधानाचार्य ने कहा... और बिगड़ गई तबीयत

खतौली। कस्बे के एक इंटर कॉलेज की शिक्षिका की हालत अचानक बिगड़ गई। उन्हें प्राइवेट चिकित्सक के यहां ले जाया गया। शिक्षिका ने प्रधानाचार्य पर प्रताड़ित व परेशान करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शिक्षिका से जानकारी ली। उधर, प्रधानाचार्य ने आरोपों को निराधार बताया है। महिला एक इंटर कॉलेज में सहायक अध्यापिका हैं। वह कॉलेज में हिंदी पढ़ाती हैं। सोमवार को उनकी हालत बिगड़ गई।

उन्हें शिक्षकों व शिक्षिकाओं ने प्राइवेट चिकित्सक के पास पहुंचाया। उनके परिजन भी अस्पताल पहुंचे। शिक्षिका ने आरोप लगाया कि कॉलेज के प्रधानाचार्य काफी समय से उनके साथ दुर्व्‍यवहार कर प्रताड़ित कर रहे थे। उनके कॉलेज में देरी से आने को लेकर नोटिस भिजवा रहे थे, जबकि वह समय पर कॉलेज पहुंचती हैं। अवकाश के दिन भी उन्हें बुलवाया गया। उन्होंने नोटिस का जवाब भी दिया। सोमवार को कॉलेज में प्रधानाचार्य ने उन्हें परेशान किया, जिससे वह मानसिक रूप से बीमार हो गईं। उनकी हालत खराब हो गयी।

पुलिस को घटना की जानकारी दी गयी। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शिक्षिका से घटनाक्रम की जानकारी ली और जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया। प्रधानाचार्य अनुराग जैन का कहना है कि शिक्षिका के आरोप निराधार हैं। उन्हें समय पर कॉलेज आने को कहा गया था। इस पर स्पष्टीकरण मांगा गया था, उन्हें प्रताड़ित नहीं किया गया। इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह का कहना है कि देर शाम शिकायत की गई है। स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखकर कार्रवाई की जाएगी।

Published on:
09 Oct 2018 04:01 pm
Also Read
View All
‘जिंदगी खत्म करने का हक सिर्फ भगवान को है’, मुजफ्फरनगर में कोर्ट ने 2 हत्यारों को सुनाई फांसी की सजा, कहा- ऐसे खूंखार केस में नरमी बरती तो गलत संदेश जाएगा

Muzaffarnagar: पुलिस के हाथ से फिसला अशफाक! आवास पर दिनभर लटका मिला ताला,BJP की महिला नेता के धर्मांतरण का मामला

मौत बनकर दौड़ा ट्रक: दिल्ली-देहरादून हाईवे पर भीषण एक्सीडेंट, मासूम बच्चे समेत 3 की मौत से मचा कोहराम

‘काफिर का मतलब शत्रु’, प्रवीण तोगड़िया बोले- हिंदू खतरे में है, गाजियाबाद की घटना से सबक लेना जरूरी

मुजफ्फरनगर के सरकारी अस्पताल में इलाज के बदले मांगे गए ₹25000, पैसे नहीं देने पर डॉक्टर ने तोड़ा पैर, जांच का आदेश