Yogi Adityanath Muzaffarnagar Rally : सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुजफ्फरनगर को नगर निगम बनाने का बड़ा ऐलान किया है। वहीं, सुरक्षा कारणों से रालोद विधायक गुलाम मोहम्मद को जनसभा में एंट्री नहीं मिली।
मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुजफ्फरनगर के नुमाइश ग्राउंड में आयोजित विशाल जनसभा में ऐलान किया कि अब शहर को नगर निगम का दर्जा देने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि शहर का तेजी से विस्तार और विकास हुआ है, इसलिए इसे नगर निगम बनाने का प्रस्ताव भेजा जाना चाहिए। सीएम ने मौके पर मौजूद मंत्री कपिल देव अग्रवाल से इसकी तैयारी करने को कहा और भरोसा दिलाया कि सरकार इस दिशा में जल्द काम करेगी।
यह कार्यक्रम 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अहम राजनीतिक सभा के रूप में देखा जा रहा है। सभा में केंद्रीय राज्यमंत्री और राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने जनसभा के दौरान 951 करोड़ रुपये की 423 विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। साथ ही वृहद रोजगार मेले के माध्यम से युवाओं को नौकरियों के अवसर उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को आगे बढ़ने का मौका देना और प्रदेश में विकास की गति को और तेज करना है।महापुरुषों को जाति के दायरे में न बांधें: योगीसीएम योगी ने साफ कहा कि महापुरुषों को जातियों के तंग दायरे में नहीं बांधा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “जब समाज बंटता है तो नुकसान भी उसी का होता है।” इस दौरान उन्होंने 16 से 18 अप्रैल को संसद में होने वाली नारी शक्ति वंदन अधिनियम की चर्चा का भी जिक्र किया।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बोलते हुए योगी ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और पाकिस्तान की खराब स्थिति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों को नियंत्रण में रखा जा रहा है।मुजफ्फरनगर की विरासत और किसानों का गुड़मुख्यमंत्री ने मुजफ्फरनगर की नवाचार की परंपरा का जिक्र करते हुए एक किसान नेता के गोबर गैस प्लांट के उदाहरण को याद किया। उन्होंने कहा कि यहां का गुड़ पूरे देश में प्रसिद्ध है और यह किसानों की मेहनत का नतीजा है।
गन्ना किसानों को संबोधित करते हुए योगी ने आंकड़े दिए- '2002 से 2017 तक के 17 वर्षों में किसानों को 2 लाख 14 हजार करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान हुआ, जबकि हमारी सरकार ने सिर्फ 9 वर्षों में 3 लाख 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया है। यानी आधे समय में 1 लाख 2 हजार करोड़ रुपये ज्यादा।'
योगी आदित्यनाथ ने शुकतीर्थ की पौराणिक और आध्यात्मिक विरासत का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यह भूमि महर्षि शुकदेव की तपस्थली रही है, जहां उन्होंने राजा परीक्षित को जीवन के सत्य और मोक्ष का मार्ग बताया था। आज भी शुकतीर्थ भागवत तीर्थ के रूप में श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बना हुआ है।
जनसभा के दौरान एक अजीब घटना ने चर्चा बटोरी। मेरठ की सिवालखास विधानसभा सीट से RLD के विधायक गुलाम मोहम्मद को कार्यक्रम स्थल के मंच वाले मुख्य द्वार से ही वापस लौटा दिया गया। सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें प्रवेश नहीं मिला।जानकारी के मुताबिक, विधायक जैसे ही नुमाइश ग्राउंड पहुंचे, सुरक्षा में तैनात मुजफ्फरनगर एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने उन्हें मुख्य गेट पर रोक लिया। एसएसपी ने साफ कहा कि मंच पर या विशिष्ट अतिथियों की सूची में उनका नाम नहीं है, इसलिए एंट्री नहीं दी जा सकती।
सूत्र बताते हैं कि सिफारिश या दबाव कुछ काम नहीं आया और विधायक को वापस लौटना पड़ा। यह घटना इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि कार्यक्रम में RLD प्रमुख जयंत चौधरी मंच पर मौजूद थे। प्रशासन ने पूरे कार्यक्रम में अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए थे और केवल अधिकृत पासधारियों को ही अंदर जाने की अनुमति थी।