मुजफ्फरपुर

मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड में बड़ा खुलासा, ICU में लापरवाही से 10 मरीजों की मौत, फायर सिस्टम फेल

मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में गुरुवार सुबह आईसीयू वार्ड में भीषण आग लग गई। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का कारण माना जा रहा है। हादसे के बाद प्रशासनिक जांच में अस्पताल की गंभीर लापरवाही सामने आई है, जिसमें आईसीयू की 13 बेड क्षमता के बावजूद 15 मरीजों को भर्ती किए जाने की पुष्टि हुई है।

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muzaffarpur prasad hospital
प्रसाद हॉस्पिटल

बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में लगी भीषण आग में 10 लोगों के जिंदा जलकर मौत होने की सूचना है। इस घटना के बाद पीड़ित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और कई गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि आईसीयू (ICU) में आग लगने के दौरान अस्पताल का स्टाफ मरीजों को उनके हाल पर छोड़कर फरार हो गया। यदि समय रहते सतर्कता बरती जाती, तो इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था। पीड़ितों के परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रशासन मृतकों के शव उन्हें नहीं सौंप रहा है।

ICU में क्षमता से ज्यादा मरीज भर्ती

यह दर्दनाक हादसा मुजफ्फरपुर शहर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र का है। प्रसाद हॉस्पिटल की पांचवीं मंजिल पर गुरुवार सुबह करीब चार बजे आईसीयू वार्ड में आग लग गई। आग लगने का वास्तविक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है, हालांकि प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को वजह बताया जा रहा है। अस्पताल पहुंचे फायर ऑफिसर ने बताया कि जब उनकी टीम मौके पर पहुंची तो स्थिति बेहद भयावह थी और पूरे परिसर में अफरा-तफरी मची हुई थी। टीम ने तुरंत रेस्क्यू अभियान शुरू किया और अस्पताल में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया।

अस्पताल की भारी लापरवाही उजागर

प्रशासनिक जांच में अस्पताल की भारी लापरवाही भी सामने आई है। जांच में पता चला है कि आईसीयू वार्ड में केवल 13 बेड की क्षमता थी, लेकिन वहां 15 मरीजों को भर्ती किया गया था। इसके साथ ही अस्पताल का फायर कंट्रोल सिस्टम भी निष्क्रिय पाया गया, जो आपात स्थिति में काम नहीं आया। इस हादसे में तीन मरीजों की मौत दम घुटने से हुई, जबकि कई अन्य मरीजों की मौत झुलसने के कारण हुई है। आग इतनी भीषण थी कि आईसीयू वार्ड के इंचार्ज भी गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने शहर के निजी अस्पतालों में सुरक्षा मानकों की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है।

Updated on:
04 Jun 2026 11:15 am
Published on:
04 Jun 2026 10:55 am