
नागौर। जिले के मेड़तासिटी थाना क्षेत्र के डांगावास गांव में हुई करीब 53 लाख रुपए की सनसनीखेज चोरी का पुलिस ने महज 12 दिनों में खुलासा कर दिया है। जिला पुलिस, डीएसटी और मेड़तासिटी थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हनुमानगढ़ के दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है, जबकि चोरी गए सोने-चांदी के आभूषण और नकदी की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी के निर्देशन में और डीएसपी रामकरण सिंह मलिंडा की निगरानी में गठित विशेष टीम ने इस चुनौतीपूर्ण मामले की गहन जांच की। वारदात स्थल और आसपास कोई प्रत्यक्ष सीसीटीवी कैमरा नहीं होने के बावजूद पुलिस ने करीब 1000 से 1200 सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया। इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्य, फील्ड इंटेलिजेंस और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
पुलिस के अनुसार 27 मई 2026 को डांगावास निवासी देवाराम जाट के मकान का ताला तोड़कर चोर 34 से 35 तोला सोने-चांदी के आभूषण और करीब ढाई लाख रुपए नकद चोरी कर ले गए थे। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग 53 लाख रुपए आंकी गई थी। घटना के समय मकान सूना था, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया।
जांच के दौरान पुलिस को रेण क्षेत्र में चोरी किए गए जेवरात के खाली डिब्बे मिले, जिससे चोरों की गतिविधियों और भागने के रास्ते का महत्वपूर्ण सुराग मिला। इसके बाद पुलिस ने रेलवे स्टेशनों और आसपास के क्षेत्रों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच में कुछ संदिग्ध युवक मोटरसाइकिल चोरी करते नजर आए, जिसके आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया।
लगातार निगरानी और तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस ने हनुमानगढ़ जिले के 31 वर्षीय सनी माली और 31 वर्षीय हरदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों का पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उनके खिलाफ चोरी, नकबजनी, लूट तथा अन्य अपराधों के कई मामले दर्ज हैं।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ट्रेन से विभिन्न शहरों में पहुंचते थे। रेलवे स्टेशन के आसपास से मोटरसाइकिल चोरी कर उसी वाहन का इस्तेमाल सूने और समृद्ध परिवारों के मकानों में चोरी करने के लिए करते थे। पहचान छिपाने के लिए वे मास्क, गमछा और चश्मे का उपयोग करते थे। वारदात के बाद मोटरसाइकिल छोड़कर ट्रेन के जरिए फरार हो जाते थे।
पुलिस को आशंका है कि दोनों आरोपी नागौर के अलावा जयपुर, सीकर, बीकानेर, अजमेर, जोधपुर, पाली और अन्य जिलों में हुई कई चोरी की वारदातों में भी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस चोरी गए माल की बरामदगी के साथ-साथ अन्य मामलों की कड़ियां भी जोड़ने में जुटी हुई है।