नागौर

‘घर एक, पर दो वार्ड’… डीडवाना नगर परिषद चुनाव में प्रशासनिक लापरवाही, वोट डालने अलग-अलग बूथों पर पहुंचे पति-पत्नी

Didwana Voter List Error: डीडवाना में एक ही घर में रहने वाले पति-पत्नी के नाम अलग-अलग वार्डों की मतदाता सूची में दर्ज मिले। दोनों को अलग-अलग मतदान केंद्रों पर वोट डालना पड़ा।
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Sep 11, 2026
Didwana Voter List Error
पति-पत्नी: मनोज और वर्षा (Photo-Patrika)

डीडवाना। नगर परिषद चुनाव में मतदान के दौरान मतदाता सूची से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने वार्ड निर्धारण और मतदाता सूची के सत्यापन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए। शहर निवासी मनोज अग्रवाल और उनकी पत्नी वर्षा सीरिया एक ही घर में रहते हैं, लेकिन दोनों के नाम अलग-अलग वार्डों की मतदाता सूची में दर्ज हैं। इसके चलते मतदान के दिन पति-पत्नी को अलग-अलग मतदान केंद्रों पर जाकर वोट डालना पड़ा।

पति ने वार्ड 12 में डाला वोट, पत्नी पहुंचीं वार्ड 11

मनोज अग्रवाल का नाम वार्ड नंबर 12 की मतदाता सूची में दर्ज है। उन्होंने इसी वार्ड के मतदान केंद्र पर जाकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। दूसरी ओर, उनकी पत्नी वर्षा सीरिया का नाम वार्ड नंबर 11 की मतदाता सूची में दर्ज होने के कारण उन्हें वहां के मतदान केंद्र पर वोट डालने के लिए जाना पड़ा।

दोनों के मुताबिक, वे एक ही घर में रहते हैं। इसके बावजूद मतदाता सूची में उनके नाम अलग-अलग वार्डों में दर्ज होने के कारण मतदान के लिए उन्हें अलग-अलग केंद्रों का रुख करना पड़ा। मतदान के दिन यह मामला सामने आने के बाद लोगों के बीच भी इसकी चर्चा रही।

एक ही परिवार के नाम अलग वार्ड में कैसे?

एक ही घर में रहने वाले पति-पत्नी के नाम अलग-अलग वार्डों की मतदाता सूची में होने से वार्ड निर्धारण और सूची की जांच को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि, दोनों के नाम अलग-अलग वार्डों में दर्ज होने की वास्तविक वजह क्या है, यह संबंधित रिकॉर्ड और निर्वाचन अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। मनोज अग्रवाल ने कहा कि मतदान को लेकर उत्साह था, लेकिन पत्नी का वोट दूसरे वार्ड में होने की जानकारी से उन्हें निराशा हुई। वहीं, वर्षा सीरिया ने इसे प्रशासनिक चूक बताते हुए पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की।

मतदाता सूची की प्रक्रिया पर भी सवाल

मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन से पहले नाम, पता और वार्ड संबंधी विवरणों की जांच तथा दावे-आपत्तियों का अवसर दिया जाता है। ऐसे में एक ही परिवार के सदस्यों के अलग-अलग वार्ड में नाम दर्ज रहने से सूची तैयार करने और सत्यापन की प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। यह स्थिति परिसीमन के बाद वार्ड निर्धारण में बदलाव का परिणाम है या सूची में त्रुटि, इसकी जांच जरूरी है।

Updated on:
11 Sept 2026 10:41 am
Published on:
11 Sept 2026 10:41 am