नागौर जिले में जायल के आकोड़ा गांव में अमेरिकी इन्वेस्टमेंट बैंकर एलाइजा ने किसान परिवार के आदित्य संग हिंदू रीति-रिवाज से शादी की। घाघरा-चोली में सजी विदेशी दुल्हन ने सात फेरे लिए। गांव में यह अनोखी लव स्टोरी चर्चा का विषय बनी हुई है।
नागौर: कहते हैं कि प्यार की कोई सीमा नहीं होती और न ही कोई सरहद इसे बांध सकती है। ऐसा ही एक खूबसूरत नजारा राजस्थान के नागौर जिले में देखने को मिला। जहां सात समंदर पार अमेरिका से आई एक दुल्हन ने राजस्थानी परंपराओं को अपनाकर एक मिसाल पेश की है।
अमेरिका में इन्वेस्टमेंट बैंकर के तौर पर काम करने वाली एलाइजा ने नागौर के जायल उपखंड के आकोड़ा गांव के रहने वाले आदित्य के साथ हिंदू रीति-रिवाज से शादी रचाई है। विदेशी मैम का यह देसी अंदाज और सिर पर पल्लू लेकर मंडप में जाना सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियां बटोर रहा है।
आदित्य एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता रघुवीर सिंह भारतीय वायुसेना में थे। लेकिन उनके असामयिक निधन के बाद मां मधुबाला ने अकेले ही दोनों बच्चों की परवरिश की। मां के संघर्ष और मेहनत की बदौलत आदित्य ने अच्छी शिक्षा हासिल की और आज वह अमेरिका में एक प्रतिष्ठित स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट के रूप में काम कर रहे हैं।
अमेरिका में काम करने के दौरान ही आदित्य की मुलाकात एलाइजा से हुई, जो वहां एक इन्वेस्टमेंट बैंकर हैं। पहले दोनों में दोस्ती हुई और धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई। अलग-अलग देशों और संस्कृतियों से होने के बावजूद दोनों ने एक-दूसरे को अपना जीवनसाथी चुनने का फैसला किया।
इस शादी की सबसे खास बात यह रही कि दोनों ने इसे पूरी तरह से भारतीय और राजस्थानी परंपराओं के अनुसार करने का निर्णय लिया। एलाइजा ने न केवल इस फैसले का सम्मान किया, बल्कि पूरे दिल से इसे स्वीकार भी किया।
शादी के दिन एलाइजा ने राजस्थानी घाघरा-चोली पहनी थी। हाथों में चूड़ा, पारंपरिक गहनों से सजा शृंगार और सिर पर पल्लू लिए जब वह मंडप में पहुंचीं, तो गांव के लोग उन्हें देखते ही रह गए।
शादी में हल्दी, मेहंदी, संगीत, फेरे और सिंदूरदान जैसी सभी रस्में पूरी श्रद्धा के साथ निभाई गईं। एलाइजा ने हर रस्म के महत्व को समझते हुए उसे पूरा किया, जिसे देखकर वहां मौजूद हर कोई उनकी सादगी का कायल हो गया।
नागौर के आकोड़ा गांव में हुई इस अनोखी शादी को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह था। एक तरफ अमेरिका की आधुनिक जीवनशैली और दूसरी तरफ राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति का यह संगम बेहद अद्भुत था।
विवाह समारोह में पारंपरिक राजस्थानी लोकगीतों और संगीत पर जमकर नाच-गाना हुआ। विदेशी दुल्हन भी इस रंग में पूरी तरह से रंगी नजर आईं। दूल्हे की मां मधुबाला और परिवार के अन्य सदस्यों ने अपनी नई बहू का गृह प्रवेश करवाकर पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।