
IMD Alert: राजस्थान से मानसून की विदाई की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है। भारतीय मौसम विभाग (आइएमडी) के अनुसार इस बार मानसून ने सामान्य से तीन दिन पहले ही रुख मोड़ लिया है। पश्चिमी राजस्थान से मानसून की विदाई 14 सितंबर से मानी गई है। विदाई की रेखा श्रीगंगानगर, नागौर, जोधपुर और बाड़मेर से होकर गुजर रही है।
आमतौर पर प्रदेश में मानसून की विदाई की सामान्य तिथि 17 सितंबर होती है, लेकिन इस बार 14 सितंबर को ही नागौर समेत पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों से इसकी विदाई घोषित हो गई। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक विदाई का मतलब है कि अब इन इलाकों में बारिश की संभावना लगभग खत्म हो गई है। हालांकि इसके बाद भी हल्की फुहार या बादल छा सकते हैं, लेकिन तकनीकी तौर पर इसे मानसून का हिस्सा नहीं माना जाएगा।
पश्चिमी राजस्थान जैसे श्रीगंगानगर, बाड़मेर, जैसलमेर, नागौर, जोधपुर आदि शुष्क और रेगिस्तानी क्षेत्र है। यहां हवा जल्दी सूख जाती है और बारिश की संभावना सबसे पहले खत्म हो जाती है। इसलिए दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की ‘लाइन’ हर साल सबसे पहले यहीं से खींची जाती है। इसके बाद धीरे-धीरे यह रेखा पूर्वी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश और फिर उत्तर भारत की ओर बढ़ती जाती है।
पश्चिमी राजस्थान के जिलों से जहां से मानसून की विदाई शुरू हुई है, सभी जिलों में अच्छी बरसात हुई है। सबसे ज्यादा बरसात नागौर जिले में हुई है जो सामान्य से करीब 85% से अधिक है। गंगानगर में मानसून की अच्छी बरसात हुई है। वहीं इसके बाद जोधपुर में भी जमकर पानी बरसा है। इस बार बाड़मेर में पिछली बार से कम बारिश दर्ज की गई है।
16 सितंबर - कोई अलर्ट जारी नहीं किया है लेकिन उदयपुर संभाग के कुछ जिलों में बारिश की संभावना जताई है।
17 सितंबर - कोई अलर्ट जारी नहीं किया है लेकिन उदयपुर संभाग के कुछ जिलों में बारिश की संभावना जताई है।
18 सितंबर - येलो अलर्ट जारी करते हुए बांसवाड़ा, बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़ और सलूम्बर में मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई है।
19 सितंबर - येलो अलर्ट जारी करते हुए सवाईमाधोपुर, करौली, धौलपुर, बांसवाड़ा, बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़ और सलूम्बर में मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई है।
20 सितंबर - कोई अलर्ट जारी नहीं किया है लेकिन कोटा, भरतपुर, जोधपुर, अजमेर, जयपुर और उदयपुर संभाग के कुछ जिलों में बारिश की संभावना जताई है।