नागौर

जिस काम के लिए सरकार है गंभीर, उसी में लापरवाही बरत रहे नागौर के ये अधिकारी?

सरकार गम्भीर अधिकारी बरत रहे लापरवाही, निजी स्कूलों में आरटीई प्रवेशित बच्चों का भौतिक सत्यापन आज से

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Oct 03, 2017

नागौर. जिले में संचालित निजी स्कूलों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीआई)के तहत नि:शुल्क प्रवेशित विद्यार्थियों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। भौतिक सत्यापन को लेकर अन्य जिलों में अधिकारियों के जांच दलों का गठन कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जा चुका है। राज्य सरकार भौतिक सत्यापन कार्य को लेकर गम्भीर है, लेकिन नागौर जिले में भौतिक सत्यापन करने को लेकर खुद शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। सोमवार को आरटीई के कार्यवाहक एपीसी बाबूलाल निर्मल से जब निजी स्कूलों में आरटीई के तहत प्रवेशित बच्चों के भौतिक सत्यापन को लेकर जानकारी मांगी गई तो उन्होंने एक फिर गैर जिम्मेदाराना जबाव देते हुए कहा कि मुझे इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। उनसे जब पूछा गया कि जिले में भौतिक सत्यापन के लिए कितने अधिकारियों के दल गठित किए गए है तथा जिले में कितने स्कूलों की जांच की जाएगी। इस पर उनका कहना था कि अभी कुछ नहीं पता भौतिक सत्यापन के बाद ही पता चल पाएगा। गौरतलब है कि इससे पहले भी कार्यवाहक आरटीई एपीसी बाबूलाल ने स्कूलों को मान्यता देने को लेकर नियमों की जानकारी मांगने पर अभिज्ञता जताई थी।

3 से 31 अक्टूबर तक करना होगा भौतिक सत्यापन
कुचामन सीडीपीओ कार्यालय क्षेत्र में कार्यकर्ता व सहायिका के कुछ पद रिक्त चल रहे हैं, जिन्हें भरने की प्रक्रिया चल रही है। ब्लॉक के खटीक, दरोगा, राजपूत, माली, जाट, सुथारों की आबादी चारणवास रोड जिलिया व भंवरलाल फगेडिय़ा की ढाणी नेहरू नगर तथा मारोठ में कार्यकर्ता और खटीक, दरोगा, राजपूत, माली, जाट, सुथारों की आबादी चारणवास रोड जिलिया व भंवरलाल फगेडिय़ा की ढाणी नेहरू नगर, छापरी गुढ़ासाल्ट, पांचोता, चावण्डिया तथा रुलाणियों की ढाणी में सहायिका का पद रिक्त चल रहा है। जानकारी अनुसार तीन अक्टूबर से शुरू होने वाले इस कार्य को लेकर शिक्षा विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली है। भौतिक सत्यापन का काम अक्टूबर तक चलेगा। आरटीई के तहत प्रवेशित बच्चों का आधार कार्ड होना जरूरी है। बच्चों का आधार कार्ड नहीं होने पर पुनर्भरण राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा। भौतिक सत्यापन कार्य की बारीकी जांचने के लिए विभागीय अधिकारियों ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं, लेकिन नागौर जिले में इन नियमों की पालना होती दिखाई नहीं दे रही है। निर्देशों में साफ बताया गया है कि स्कूल का सत्यापन गठित दल के अधिकारियों द्वारा की किया जाएगा। गलत सत्यापन मिलने पर संबंधित दल के विरुद्ध निदेशालय कार्रवाई करेगा।

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दल की अनुशंसा पर भुगतान
भौतिक सत्यापन दल सम्बंधित स्कूलों का ऑनलाइन भौतिक सत्यापन प्रतिवेदन निकालकर आरटीई के तहत नवीन प्रवेश, आय प्रमाण पत्र, आधार नम्बर व रजिस्ट्रेशन, नियमित उपस्थिति, फीस व केस बुक, रसीद, पूर्व सत्रों के बालक नियमितिकरण, पूर्व में आय से सम्बंधित प्रवेश की जांच की जाएगी। दल की अनुशंसा के आधार पर निजी स्कूलों को पुनर्भरण जारी किया जाएगा।

यह रहेगी रूप रेखा
निजी विद्यालयों का सत्यापन कार्य 3 से 31 अक्टूबर तक होगा-संबंधित विद्यालय को विद्यालय रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड कर उसे लॉक करना होगा। यह कार्य 3 से 7 नवंबर तक करना होगा। रिपोर्ट का प्रारंभिक शिक्षा के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से 15 नवंबर तक सत्यापन किया जाएगा।एक दल को 3 से 5 स्कूल की जांच करनी होगी। दुर्बल वर्ग में एक लाख तक की आय वाले अभिभावकों के बालकों ही प्रवेश दिया जाएगा। असुविधा ग्रस्त वर्ग, एससी, एसटी, अनाथ, एचआईवी, कैंसर पीडि़त माता-पिता या संरक्षक, युद्ध विधवा के बालक, निशक्त बालक व बीपीएल बच्चों के प्रमाण-पत्रों की दल जांच करेंगे।

मुझे जानकारी नहीं

निजी स्कूलों में आरटीई के तहत प्रवेशित बच्चों का भौतिक सत्यापन का कार्य मंगलवार से शुरू हो रहा है। भौतिक सत्यापन करने वाले दलों के गठन की जानकारी नहीं है।
बाबूलाल निर्मल, एपीसी आरटीई, (अतिरिक्त चार्ज), नागौर

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Published on:
03 Oct 2017 11:12 am
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