
नागौर. ड्राइविंग करते समय मोबाइल पर बात करने वाले वाहन चालकों की जान तो खतरे में रहती ही है, लेकिन अब उनका लाइसेंस भी खतरे में पड़ सकता है। अब ऐसे वाहन चालक यातायात पुलिस से बच नहीं पाएंगे। यातायात पुलिस, परिवहन विभाग के साथ मिलकर लाइसेंस निलम्बित करने की कार्रवाई को अंजाम देगी। विशेष तौर पर मोबाइल पर बात करते हुए दुपहिया व चौपहिया वाहन चलाने वालों के चालान बनाए जाएंगे। ट्रैफिक पुलिस पहले संबंधित चालक की गाड़ी पर मोबाइल से बात करते हुए की फोटो लेगी और फिर चालान काटेगी। चालान की कॉपी ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग को भेजेगी। परिवहन विभाग की टीम वाहन चालक को बुलाकर पूछताछ करेगी और दोषी पाए जाने पर उसका लाइसेंस स्थाई रूप से निलंबित करेगी। एसपी के निर्देश पर ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए 2 मई से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। लाइसेंस रद्द करने की यह कार्रवाई ट्रैफिक पुलिस के मार्फत होगी। हेलमेट नहीं पहनने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
हाईकोर्ट ने दिए थे आदेश
राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर ने गत 27 अप्रेल को वाहन चलाते समय बात करने वाले वाहन चालकों के लाइसेंस रद्द करने के आदेश दिए थे। मोबाइल पर बात करते या ईयर रिंग लगाकर गाने सुनते अथवा ब्लूटूथ से कार में मोबाइल पर बात करते समय दुर्घटनाएं बढऩे लगी हैं। हादसों को रोकने के लिए वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई करने के उद्देश्य से राजस्थान हाईकोर्ट ने आरटीओ को ऐसे वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने के आदेश दिए थे।
चालक से पहले पूछताछ होगी
चालान काटने पर यातायात पुलिस चालक के मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइव करने की फोटो और चालान की कॉपी भेजेगी। परिवहन विभाग वाहन चालक को बुलाकर उसका पक्ष जानेगा। अगर दोष साबित होगा तो न्यायालय के आदेशानुसार ड्राइविंग लाइसेंस स्थाई रूप से रद्द करने की कार्रवाई होगी। ट्रैफिक पुलिस की ओर से चालान काटने के बाद परिवहन विभाग संबंधित चालक का ड्राइविंग लाइसेंस सीधे रद्द नहीं करेगा। इसके लिए पहले चालक से पूछताछ कर साक्ष्य जुटाए जाएंगे। अब तक यातायात पुलिस ने ऐसे 10 वाहनों के चालान काटे हैं।
आदेश मिले हैं
हाईकोर्ट से आदेश मिले हैं, तब से कार्रवाई जारी है। यदि कोई मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाता है तो उसका प्रकरण बनाकर लाइसेंस रद्द किया जाएगा।
ओपी बुढ़ानिया, डीटीओ, नागौर
कार्रवाई जारी है
वाहन चलाते समय कोई मोबाइल पर बात करेगा तो उसकी फोटो खींचकर चालान बनाएंगे तथा डीटीओ नागौर को लाइसेंस रद्द करवाने का निवेदन करेंगे। हाइकोर्ट के निर्देशानुसार कार्रवाई की जा रही है। अतिरिक्त महानिदेशक (यातायात) जगानिवास राव ने एक मई को आदेश जारी किए थे, अब तक दस वाहनों के चालान काटे जा चुके हैं।
केसरसिंह, यातायात प्रभारी, नागौर