नागौर

Jaipal Poonia Murder: जयपाल पूनिया हत्याकांड में 9 आरोपियों को उम्रकैद, बीच सड़क गोलियों से भूना था

Jaipal Poonia Murder Case: नावां के बहुचर्चित जयपाल पूनिया हत्याकांड में कोर्ट ने 9 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। करीब चार साल पुराने इस मामले में प्रत्येक दोषी पर 1-1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

2 min read
Apr 25, 2026
जयपाल पूनिया हत्याकांड, Kuchaman City court verdict, Jaypal Poonia murder case, Nawa City murder news, Rajasthan crime news update, ADJ court life imprisonment, Poonia murder judgment, Rajasthan high profile murder case, Nawa firing incident 2022, life sentence accused Rajasthan, crime branch investigation Rajasthan, SIT action murder case, Rajasthan court decision news, salt businessman murder case, Nawa City breaking news, Rajasthan latest crime verdict
फाइल फोटो- पत्रिका

कुचामनसिटी। नावां के बहुचर्चित जयपाल पूनिया हत्याकांड में शनिवार को अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे कोर्ट) सुन्दरलाल खारोल ने फैसला सुनाते हुए नौ आरोपियों को आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 1-1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। न्यायाधीश ने चार वर्ष पूर्व हुए इस हत्याकांड में शामिल आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 148, 341/149, 427/149 और 302/120बी के तहत दोषी ठहराया। मामले में करीब 74 गवाहों के बयान हुए और 300 दस्तावेज न्यायालय में पेश किए गए।

पीड़िता सरिता पूनिया (पत्नी जयपाल पूनिया) के अधिवक्ता बोदूराम चौधरी ने बताया कि एडीजे खारोल ने महाराजपुरा निवासी मोती सिंह पुत्र हनुमान सिंह को धारा 302/120बी सहित अन्य धाराओं में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 1 लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।

इसी मामले में नावां निवासी फिरोज खान उर्फ फारुख पुत्र भंवरू खां, हारून मोहम्मद पुत्र गफूर खान, रणजीत उर्फ अजीत पुत्र शीशराम गुर्जर निवासी दादाला की ढाणी (न्योराना, सीकर), संदीप कुमार उर्फ जूनिया पुत्र हनुमान प्रसाद धानका निवासी सुराजी की ढाणी (डाबला, सीकर), तेजपाल सिंह पुत्र राजेंद्र निवासी भैंसावता खुर्द (झुंझुनूं), राजेश रावत उर्फ राजेश मोटा उर्फ कृष्ण राजेश मोटलिया पुत्र रोहिताश गुर्जर निवासी रूपसराय (हरियाणा), कृष्ण कुमार पुत्र सुमेर निवासी हरियाणा तथा राजेश उर्फ लिडरिया पुत्र लीलाराम निवासी रूपसराय (हरियाणा) को भी आजीवन कारावास और 1-1 लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।

यह वीडियो भी देखें

दो आरोपी बरी

इसके अलावा न्यायालय ने आरोपियों को धारा 427 में 1 वर्ष, धारा 341 में 1 माह तथा धारा 148 में 2 वर्ष के अतिरिक्त कारावास और 5 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने कुलदीप सिंह जाट और हनुमानराम माली को साक्ष्यों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

एक आरोपी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी

शनिवार को आठ आरोपी ही न्यायालय में पेश हुए, जबकि आरोपी कृष्ण कुमार की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करवाई गई। इस फैसले पर सुबह से ही नावां और कुचामनसिटी के लोगों की नजर थी। दोपहर करीब तीन बजे जैसे ही फैसला सुनाया गया, पीड़िता सरिता पूनिया, अधिवक्ता बोदूराम चौधरी और पीड़ित पक्ष के अन्य लोगों ने संतोष व्यक्त किया। सरिता पूनिया ने इसे न्याय की जीत बताया।

चार साल बाद मिला पीड़िता को न्याय

जयपाल पूनिया की हत्या से पहले मुख्य आरोपी मोती सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर उनकी रेकी की थी। इसके बाद रणजीत समेत शूटरों को लोकेशन देकर वारदात को अंजाम दिया गया। 17 मई 2022 को पुलिस ने मोती सिंह सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। एसआईटी और क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच करते हुए जून 2022 तक अन्य आरोपियों को भी पकड़ लिया। कुछ आरोपी फरार हो गए थे, जिन पर इनाम घोषित कर बाद में अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया।

14 मई 2022 की घटना

गौरतलब है कि 14 मई 2022 को नावां के तहसील रोड स्थित रेलवे फाटक के पास बोलेरो गाड़ी में आए 4-5 बदमाशों ने जयपाल पूनिया पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी थी। इस घटना से पूरे प्रदेश में आक्रोश फैल गया था। मुख्य आरोपी मोती सिंह चौधरी का नाम सामने आने के बाद लंबे समय तक आंदोलन भी चला था।

Updated on:
25 Apr 2026 09:40 pm
Published on:
25 Apr 2026 04:30 pm