नागौर

Rajasthan: धरना देने और रास्ता जाम करने की MLA गैसावत ने दी चेतावनी, ROB की जर्जर स्थिति के लिए जिला कलक्टर को लिखा पत्र

मकराना–मंगलाना–खाटू मार्ग के रेलवे ओवरब्रिज की जर्जर स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर विवाद गहरा गया है। विधायक जाकिर हुसैन गैसावत ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर जल्द समाधान की मांग की है और आंदोलन की चेतावनी दी है।
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Updated: 24 Jun 2026, 12:16 PM IST
MLA Zakir
फोटो: विधायक जाकिर हुसैन गैसावत सोशल मीडिया

Warning From MLA Zakir Hussain Gaisawat: मकराना-मंगलान-खाटू मार्ग पर स्थित रेलवे ओवरब्रिज की खराब स्थिति को लेकर अब जनप्रतिनिधियों का भी आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। मकराना विधायक जाकिर हुसैन गैसावत ने जिला कलक्टर को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि यदि अगले 15 दिनों में पुल की खामियों का समाधान नहीं किया गया तो वे आमजन के साथ धरना देंगे और रास्ता जाम करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में होने वाले आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

विधायक ने आरोप लगाया कि रेलवे की निर्माण एजेंसी इरकॉन द्वारा करीब 35 से 42 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित ओवरब्रिज में लोकापर्ण के कुछ समय बाद ही मुख्य हिस्से में दरारें दिखाई देने लगीं। इसके अलावा पुल का डिजाइन भी दोषपूर्ण है, जिससे एक खतरनाक मोड़ बन गया है। भारी और लंबे वाहन यहां से गुजरते समय दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट रहे हैं तथा कई बार ट्रकों की टक्कर से पुल की दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।

परिवहन विभाग और होटल संचालकों पर अवैध वसूली के आरोप

विधायक गैसावत ने परिवहन विभाग के अधिकारियों एवं कुछ स्थानीय होटल संचालकों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि भारी वाहनों से प्रति ट्रक दो हजार रुपए तक की अवैध वसूली की जा रही है। उन्होंने कहा कि मकराना मार्बल उद्योग की लाइफलाइन माने जाने वाले इस मार्ग पर दिन-रात हजारों वाहन गुजरते हैं, जिससे क्षेत्र में भारी यातायात दबाव बना रहता है और दुर्घटनाओं की आशंका भी लगातार बनी रहती है। वहीं पुल के नीचे स्थित रेलवे फाटक पिछले दो माह से बंद होने के कारण लोगों के पास यही एकमात्र मार्ग बचा है, जिससे आमजन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और जाम की स्थिति भी लगातार बनी रहती है।

ये रखी प्रमुख मांगें

विधायक ने उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति से पुल का तकनीकी सुरक्षा ऑडिट करवाने, निर्माण एजेंसी इरकॉन एवं दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने, जर्जर हिस्सों की तत्काल मरम्मत करवाने तथा भारी वाहनों की आवाजाही सुचारू रखने के लिए रेलवे विभाग को बंद फाटक खोलने के निर्देश जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वे विधानसभा के पांचवें सत्र में भी नियम 295 के तहत यह मामला उठा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

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24 Jun 2026, 12:16 PM IST
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