
निज मंदिर में स्थित बड़वासन माता मंदिर (पत्रिका फोटो)
Nagaur Mundwa Temple Clash: मूंडवा (नागौर): नागौर जिले के भडाणा गांव की सरहद में नेशनल हाईवे-58 पर स्थित बड़वासन माता का मंदिर लोढा जैन समाज की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र है। लोढा जैन समाज की कुलदेवी का यह एकमात्र मंदिर बताया जाता है। यहां साल भर देश के कोने-कोने से श्रद्धालु दर्शन और पूजन के लिए पहुंचते हैं। शारदीय नवरात्र के दौरान मंदिर में विशेष धार्मिक गतिविधियां होती हैं। घट स्थापना से एक दिन पहले ही साधकों और श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है।
बड़वासन माता के प्रति लोढा जैन समाज के लोगों में गहरी आस्था है। नवरात्र के दिनों में श्रद्धालु विशेष रूप से मंदिर पहुंचकर कुलदेवी की पूजा-अर्चना करते हैं। इस दौरान मंदिर में धार्मिक माहौल रहता है। समाज के लोग माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। नवरात्र के दौरान शुरू होने वाले धार्मिक आयोजनों का समापन दशहरे के दिन मेले के साथ होता है।
मंदिर में दर्शन-पूजन का सिलसिला पूरे वर्ष जारी रहता है। देश के अलग-अलग प्रांतों में रहने वाले लोढा जैन समाज के लोग यहां पहुंचकर अपनी कुलदेवी के दर्शन करते हैं। शारदीय नवरात्र के अवसर पर श्रद्धालुओं की विशेष उपस्थिति रहती है। समाज के लिए यह मंदिर धार्मिक आस्था के साथ अपनी परंपराओं से जुड़े रहने का भी महत्वपूर्ण केंद्र है।
बड़वासन माता मंदिर देवस्थान विभाग के अधीन पंजीकृत है। मंदिर की कार्यकारिणी का गठन चुनाव के माध्यम से होता है। जानकारी के अनुसार, गत वर्ष गठित वर्तमान कार्यकारिणी को लेकर समाज के एक गुट की ओर से विरोध जताया जा रहा है। ऐसे में मंदिर की धार्मिक परंपराओं के साथ उसकी कार्यकारिणी से जुड़ा यह विषय भी चर्चा में है।
बता दें कि लोढा जैन समाज की कुलदेवी बड़वासन माता मंदिर में दशहरे पर वार्षिकोत्सव के तहत मंगलवार दोपहर बाद तीन बजे वार्षिक बैठक होनी है। एक पक्ष की ओर से विरोध जताया गया है, जिसके बाद मूंडवा पुलिस मंदिर पहुंची है। बैठक होगी या स्थगित की जाएगी, इसको लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। फिलहाल, पुलिस जाब्ता तैनात है।
Updated on:
20 Oct 2026 12:59 pm
Published on:
20 Oct 2026 12:08 pm
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