नगरपरिषद के सभापति और उपसभापतिको स्वायत्त शासन विभाग ने निलंबित कर दिया।
नागौर के कुचामन नगरपरिषद के सभापति आसिफ खान और उपसभापति हेमराज चावला को मंगलवार को स्वायत्त शासन विभाग ने निलंबित कर दिया। विभाग के निदेशक प्रतीक चंद्रशेखर ने निलम्बन के आदेश जारी किए हैं। नगरपरिषद में पिछले सप्ताह से दोनों के निलंबन की चर्चा जोरों पर थी। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने निलंबन पर भजनलाल सरकार पर जमकर हमला बोला है।
सभापति आसिफ खान पर आरोप है कि उन्होंने नियमों को दरकिनार कर दो सफाईकर्मियों की पदोन्नति कर दी। यह मामला अतिरिक्त जिला कलक्टर कुचामन व तत्कालीन जिला कलक्टर की जांच में सामने आया था। जिसके बाद स्वायत्त शासन विभाग ने कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया।
पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 'कुचामन नगर परिषद के सभापति और उपसभापति का निलंबन लोकतंत्र की खुली हत्या है। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद राजनीतिक दुर्भावना से कार्रवाई की जा रही है, यह सरासर जनता की आवाज़ कुचलने और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है।'
उन्होंने आगे लिखा कि 'दलित व आदिवासी विरोधी मानसिकता से ग्रसित भाजपा नेता सत्ता के अहंकार में चुन-चुनकर निशाना बना रहे हैं। नावां नगर पालिका की दलित महिला चेयरमैन को स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व से अलग रखना और कुचामन में दलित उपसभापति को निलंबित करना भाजपा की दमनकारी नीति को उजागर करता है। लोकतंत्र की रक्षा के लिए अब जनता को आगे आकर भाजपा की इस तानाशाही के खिलाफ खड़ा होना होगा।'
उपसभापति हेमराज चावला पर मास्टर प्लान के विपरीत कीमती भूमि का वाणिज्यिक पट्टा जारी करवाने का आरोप है। आदेश में कहा गया कि उन्होंने गलत पट्टा जारी होने की जानकारी होते हुए भी इसे परिषद में नहीं रखा। जांच में दोषी पाए जाने पर उन्हें भी तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया।