राजस्थान में इस बार जनगणना पूरी तरह पेपरलेस होगी। गणनाकार मोबाइल सीएमएमएस ऐप के माध्यम से जानकारी दर्ज करेंगे और डाटा सीधे सर्वर पर अपलोड होगा।
नागौर जिले में जनगणना की तैयारियां शुरू हो गई हैं। गृह मंत्रालय के निर्देश पर पहले चरण में मकान सूचीकरण और आवास गणना की जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर अधिकारियों की बैठकें हो रही हैं और जनगणना करने वाले कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
पहले चरण में 16 मई से 14 जून तक मकानों की सूची तैयार की जाएगी। इस दौरान परिवारों के सदस्यों की संख्या व मकानों के भौतिक सत्यापन और उनसे जुड़ी मूलभूत जानकारी दर्ज होगी।
हर मकान को स्थानीय निकाय अथवा जनगणना संख्या से चिन्हित किया जाएगा। इस दौरान मकान की बनावट, उपयोग और उपलब्ध सुविधाओं का ब्यौरा तैयार किया जाएगा, ताकि आगे की जनसंख्या गणना का आधार मजबूत हो सके।
इस बार जनगणना पूरी तरह पेपरलेस होगी। गणनाकार मोबाइल सीएमएमएस ऐप के माध्यम से जानकारी दर्ज करेंगे और डाटा सीधे सर्वर पर अपलोड होगा। इससे गड़बडिय़ों की संभावना कम होगी और निगरानी आसान बनेगी।
जिले में 12 से 14 फरवरी तक जनगणना लिपिकों को प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही नायब तहसीलदार, तहसीलदार और स्थानीय निकायों के ईओ को भी जिम्मेदारियां समझाई गई हैं। प्रशासन ने डिजिटल व्यवस्था से प्रक्रिया पारदर्शी और तेज होने का दावा किया है।
जनगणना को लेकर लोगों में दस्तावेजों की चिंता बनी हुई है, इस संबंध में प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह का पहचान पत्र या कागज जमा नहीं कराया जाएगा। गणनाकार केवल पूछे गए सवालों के आधार पर जानकारी दर्ज करेंगे। दी गई सूचनाएं पूरी तरह गोपनीय रहेंगी और उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय विश्लेषण में किया जाएगा।
मकान सूचीकरण के दौरान 33 निर्धारित बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जाएगी। इनमें भवन संख्या, मकान का उपयोग, फर्श, दीवार और छत की सामग्री, मकान की स्थिति, परिवार के सदस्यों की संख्या, परिवार प्रमुख का नाम और लिंग, अनुसूचित जाति या जनजाति से संबंध, स्वामित्व स्थिति, कमरों और विवाहित दंपतियों की संख्या शामिल हैं।
इसके अलावा पेयजल स्रोत, बिजली का माध्यम, शौचालय की उपलब्धता और प्रकार, गंदे पानी की निकासी, स्नानघर, रसोई और एलपीजी या पीएनजी कनेक्शन, खाना पकाने का ईंधन, रेडियो, टीवी, इंटरनेट, लैपटॉप, मोबाइल फोन, साइकिल, दोपहिया, कार या जीप, परिवार की ओर से उपभोग किए जाने वाला मुख्य अनाज और जनगणना संचार के लिए मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान मोबाइल ऐप संचालन, डेटा एंट्री, सत्यापन प्रक्रिया और निर्धारित 33 बिंदुओं की विस्तृत जानकारी शामिल रही। प्रशासन का कहना है कि यही आंकड़े भविष्य की आवास, पेयजल, स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं की योजनाओं की दिशा तय करेंगे।
जनगणना का प्रथम चरण पूरी तरह मकान सूचीकरण पर केंद्रित रहेगा। इस दौरान किसी भी नागरिक से दस्तावेज नहीं लिए जाएंगे, केवल निर्धारित बिंदुओं पर जानकारी दर्ज की जाएगी। पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से होगी, जिससे पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित की जा सके।