
नागौर। राजस्थान में विदेशी महिलाओं के जरिए संचालित किए जा रहे कथित अनैतिक कार्यों के नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। नागौर जिले के एक होटल से मंगलवार को दो विदेशी महिलाओं को हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक जांच के बाद दोनों को आवश्यक प्रक्रिया के तहत सखी सेंटर भेजा गया है। यह कार्रवाई डेगाना में पहले पकड़ी गई एक बांग्लादेशी महिला से पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर की गई।
जानकारी के अनुसार, केंद्रीय एजेंसियों से मिले सुराग के बाद खुफिया विभाग और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। इस अभियान के तहत डीडवाना-कुचामन जिले के कुचामन सिटी, जयपुर, भीलवाड़ा, सिरोही सहित कई जिलों में संदिग्ध विदेशी महिलाओं की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में नागौर शहर के एक होटल में दबिश देकर दो महिलाओं को हिरासत में लिया गया।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, डेगाना से पकड़ी गई विदेशी महिला से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई थीं। उसके आधार पर पूरे प्रदेश में नेटवर्क से जुड़े संभावित ठिकानों की जांच शुरू की गई। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और विभिन्न जिलों में अभियान जारी है।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि कुछ बांग्लादेशी महिलाएं कथित तौर पर पश्चिम बंगाल, असम और गुवाहाटी के रास्ते भारत में प्रवेश करती थीं। इसके बाद वे स्थानीय स्तर पर फर्जी आधार कार्ड सहित अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज तैयार करवा लेती थीं। जांच एजेंसियों का कहना है कि अपने मूल देश से जुड़े दस्तावेज साथ नहीं रखने के कारण उनकी वास्तविक पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे मामलों में स्थानीय पुलिस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल यह जांच की जा रही है कि इन महिलाओं के भारत आने की पूरी प्रक्रिया क्या थी, उनके ठहरने की व्यवस्था किसने की और उनके स्थानीय संपर्क किन लोगों से थे। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं उनका संबंध किसी संगठित मानव तस्करी गिरोह या अनैतिक कार्यों से जुड़े नेटवर्क से तो नहीं है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क, इसमें शामिल लोगों और आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस प्रदेशभर में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।