दुर्घटना कारित करने वाले जिले के 96 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित, आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
नागौर. सडक़ पर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं - इस स्पष्ट संदेश के साथ नागौर पुलिस ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। जानलेवा सडक़ दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नागौर पुलिस ने परिवहन विभाग से समन्वय कर 96 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करवाए हैं। यह कार्रवाई उन चालकों के विरुद्ध की गई है, जिनकी लापरवाही के कारण गंभीर सडक़ दुर्घटनाएं हुईं और कई मामलों में लोगों की जान तक चली गई।
नागौर पुलिस की ओर से यह कार्रवाई वर्ष 2025 में दर्ज दुर्घटना प्रकरणों की गहन समीक्षा के बाद की गई है। जांच में सामने आया कि संबंधित वाहन चालक तेज गति, लापरवाह ड्राइविंग, यातायात नियमों की अनदेखी तथा असावधानी के चलते दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार पाए गए। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने परिवहन विभाग को रिपोर्ट भेजी, जिसके आधार पर 96 चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह की अवधि के लिए निलंबित किए गए हैं। जिले में एक साथ इतने चालकों के लाइसेंस निलंबित करने की यह पहली कार्रवाई है।
उद्देश्य : आमजन में यह संदेश देना
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई केवल दंडात्मक नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य आमजन में यह संदेश देना है कि सडक़ पर की गई एक छोटी सी लापरवाही भी किसी के जीवन को हमेशा के लिए खत्म कर सकती है। नागौर जैसे तेजी से बढ़ते जिले में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन सडक़ सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।
पत्रिका ने उठाया मुद्दा
जिले में पिछले साल सडक़ हादसों व एक्सीडेंट स्पॉट्स में हुई बढ़ोतरी को राजस्थान पत्रिका ने समय-समय पर समाचार प्रकाशित कर जिम्मेदारों का ध्यान आकृष्ट किया। पत्रिका ने 10 नवम्बर 2025 को ‘सडक़ों पर जानलेवा संकट, जिले में बड़े एक्सीडेंट स्पॉट्स बढ़े’ शीर्षक से तथा 30 जनवरी 2026 को ‘सडक़ पर लापरवाही, जिले में 68 प्रतिशत हादसों के पीछे मानवीय वजह’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किए।
पुलिस की आमजन से अपील, यातायात नियमों का पालन करें
नागौर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करें। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें, शराब या नशे की हालत में वाहन न चलाएं तथा ट्रैफिक सिग्नल और सडक़ संकेतों का पूरा सम्मान करें। पुलिस का कहना है कि सुरक्षित ड्राइविंग न केवल स्वयं की जान बचाती है, बल्कि सडक़ पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करती है।
कार्रवाई जारी रहेगी
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे। सडक़ सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। यदि वाहन चालक नियमों का पालन करें तो दुर्घटनाओं और मौतों में कमी लाई जा सकती है। इस तरह की सख्त कार्रवाई से लापरवाह वाहन चालकों में डर के साथ-साथ जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होगी।
- मृदुल कच्छावा, पुलिस अधीक्षक