नागौर

Rajasthan: कौन है नागौर का सुलेमान खान… 45 बीघा का फार्महाउस… 10 हजार किलो विस्फोटक, 12 साल से बारूद की दुनिया में जमाया था पांव

Rajasthan Crime: मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआईए की टीम भी नागौर पहुंच चुकी है। वहीं, पुलिस हिरासत में सुलेमान की तबीयत बिगड़ने पर उसे अजमेर के जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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Jan 26, 2026
suleman Khan
पुलिस हिरासत में सुलेमान खान (फोटो-पत्रिका)

नागौर। देश जब गणतंत्र दिवस 2026 के जश्न की तैयारियों में जुटा था, उसी वक्त राजस्थान के नागौर से ऐसा खुलासा हुआ, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी। जिले के हरसौर क्षेत्र में स्थित करीब 45 बीघा के एक फार्महाउस से 10 हजार किलो अमोनियम नाइट्रेट की बरामदगी ने पूरे देश को चौंका दिया। यह विस्फोटक इतना था कि अगर गलत हाथों में चला जाता, तो पूरे शहर को तबाह करने की क्षमता रखता था।

इस मामले में गिरफ्तार आरोपी सुलेमान खान की गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने उसकी क्राइम हिस्ट्री खंगाली, तो परत-दर-परत बारूद के काले साम्राज्य की कहानी सामने आने लगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुलेमान बीते 12 सालों से विस्फोटकों के अवैध धंधे में सक्रिय था और इसी कारोबार से उसने करोड़ों की दौलत खड़ी की।

कभी भी हो सकता था बड़ा हादसा

सुलेमान ने पुलिस और प्रशासन की नजरों से बचने के लिए हरसौर गांव के बिल्कुल अंतिम छोर पर, सुनसान इलाके में 45 बीघा जमीन पर ऊंची दीवारों से घिरा फार्महाउस बना रखा था। बाहर से देखने पर यह फार्महाउस खेती-बाड़ी और बागवानी का केंद्र लगता था, लेकिन अंदर 2 से 3 कमरों में अमोनियम नाइट्रेट, डेटोनेटर, डेटोनेटिंग वायर और अन्य विस्फोटक सामग्री का अवैध भंडारण किया गया था। हैरानी की बात यह है कि यहां किसी भी तरह के सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था।

सप्लाई चेन खंगाल रही पुलिस

नागौर पुलिस को लंबे समय से जिले में विस्फोटकों की खरीद-फरोख्त की खुफिया सूचनाएं मिल रही थीं। इन इनपुट्स के आधार पर जिला विशेष टीम (DST) को सक्रिय किया गया और 24 जनवरी को फार्महाउस पर छापा मारकर इस बड़े जखीरे को जब्त किया गया। एसपी मृदुल कच्छावा के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और संगठित अपराध की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है और विस्फोटकों की आगे-पीछे की सप्लाई चेन खंगाली जा रही है।

पुलिस हिरासत में तबीयत बिगड़ी

मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआईए की टीम भी हरसौर पहुंच चुकी है। वहीं, पुलिस हिरासत में सुलेमान की तबीयत बिगड़ने पर उसे अजमेर के जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में सामने आया है कि सुलेमान कानूनी और अवैध खनन दोनों के लिए विस्फोटक सप्लाई करता था। उसके खिलाफ पहले से ही विस्फोटक मामलों में तीन एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें से एक में उसे बरी किया जा चुका है।

इससे पहले भी पकड़े जा चुके हैं विस्फोटक

गौरतलब है कि इससे पहले नए साल की पूर्व संध्या पर भी राजस्थान पुलिस ने एक कार से 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट जब्त किया था और बूंदी निवासी सुरेंद्र (48) व सुरेंद्र मोची (35) को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा मई 2025 में जयपुर के बस्सी थाना क्षेत्र में हाईवे पर मोहनपुरा पुलिया किनारे लावारिस पिकअप से 2075 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ था।

Updated on:
26 Jan 2026 06:24 pm
Published on:
26 Jan 2026 06:24 pm