EV Car Challan: सुनने में भले ही अजीब लगे लेकिन नागौर शहर की ट्रैफिक पुलिस की चालानी कार्रवाई में एक अजीब मामला सामने आया है, जिसमें जीरो कार्बन उत्सर्जन करने वाली इलेक्ट्रिक कार का ही प्रदूषण मानकों के उल्लंघन में चालान कर दिया गया।
EV Car Challan: सुनने में भले ही अजीब लगे लेकिन नागौर शहर की ट्रैफिक पुलिस की चालानी कार्रवाई में एक अजीब मामला सामने आया है, जिसमें जीरो कार्बन उत्सर्जन करने वाली इलेक्ट्रिक कार का ही प्रदूषण मानकों के उल्लंघन में चालान कर दिया गया। कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की मनमानी कार्रवाई को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कृषि मंडी तिराहे पर काली फिल्म लगी एक ईवी कार को रोककर जांच की गई, जहां कार चालक और पुलिसकर्मी के बीच बहस हो गई। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस कर्मी ने काली फिल्म, प्रकाश मानकों के दृश्य संचरण के गैर अनुपालन के मामले में 200 रुपए और पॉल्यूशन उल्लंघन के मामले में 1500 रुपए का चालान कर दिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की मनमानी कार्रवाई को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं।
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार तिराहे पर तैनात एएसआई रामकुमार ने 6 अप्रेल को जांच के दौरान एक कार को रोका। कार की खिड़कियों में लगी जालियों को लेकर पहले पुलिस और चालक के बीच बहस हुई। पुलिस ने जालियां हटवाईं, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और इसी दौरान ईवी कार का अमानक काली फिल्म लगाने और प्रदूषण मानक उल्लंघन के नाम पर चालान कर दिया गया। वाहन का नंबर आरजे 19 सीओ 0119 रहा है। घटना का वीडियो किसी ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।
नागौर में इस तरह का यह पहला मामला सामने आया है, जिसने ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चालक ने आपत्ति जताते हुए बताया कि यह इलेक्ट्रिक वाहन है, जिसमें प्रदूषण प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं होती, बावजूद इसके कार्रवाई कर दी गई।
कार में विंडो पर काली जालियां लगी हुई थीं। उन्हें हटाने पर चालक ने बहस शुरू कर दी। इस दौरान पॉल्यूशन का भूलवश चालान हो गया। इसकी जांच कराई जा रही है और गलत चालान को एडमिन पावर से निरस्त किया जाएगा।
शिवदेवराम, कार्यवाहक ट्रैफिक इंचार्ज नागौर
मोटर व्हीकल एक्ट 1989 के नियम 115 के तहत बैट्री से संचालित वाहनों के अलावा सभी वाहनों को पीयूसी की जरूरत होती है। ईवी व्हीकल बैट्री से संचालित होते हैँ, ऐसे में उन्हें पीयूसी की जरूरत नहीं होती है।
राजेन्द्र सिंह शेखावत, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी